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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अपनी ही सरकार में भाजपा विधायक को सीएए के समर्थन में रैली करने की नहीं मिली अनुमति

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Mon, 13 Jan 2020 07:29 PM (IST)

अपनी ही सरकार में सीएए के समर्थन में होने वाली रैली की अनुमति न मिलना विधायक हरभजन सिंह चीमा को नागवार गुजरा है।

अपनी ही सरकार में भाजपा विधायक को सीएए के समर्थन में रैली करने की नहीं मिली अनुमति
अपनी ही सरकार में भाजपा विधायक को सीएए के समर्थन में रैली करने की नहीं मिली अनुमति

काशीपुर, जेएनएन : भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा ने तीन दिन बाद पुलिस-प्रशासन पर अपनी भड़ास निकाली है। अपनी ही सरकार में सीएए के समर्थन में होने वाली रैली की अनुमति न मिलना विधायक को नागवार गुजरा है। पुलिस प्रशासन द्वारा रैली की अनुमति न दिए जाने को विधायक ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही कहा कि इसकी जानकारी शीर्ष नेतृत्व को दे दी गई है। पुलिस-प्रशासन द्वारा किए गए इस कृत्य पर एक्शन लिया जाएगा।

10 जनवरी काे प्रदेश भर में निकली थी रैली

10 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में राष्ट्रीयव्यापी कार्यक्रम होना था। इसके तहत जगह-जगह रैली निकालकर लोगों को सीएए के बारे में जानकारी देनी थी। सोमवार को विधायक चीमा ने रामनगर रोड स्थित अपने कार्यालय पर प्रेस वार्ता कर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अजय भट्ट की अगुवाई में शहर में सीएए के समर्थन में रैली निकलनी थी, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा काशीपुर, बाजपुर, किच्छा और खटीमा में कानून व्यवस्था का बहाना बनाकर रैली निकालने की अनुमति नहीं दी गई। जबकि प्रदेश सहित देश के अन्य शहरों में रैली निकाली गई।

पुलिस-प्रशासन पर विधायक ने निकाली भड़ास

पुलिस-प्रशासन द्वारा रैली की अनुमति न दिया जाना कार्यक्रम को विफल करने का प्रयास किया गया। इस रैली का लक्ष्य देश में भ्रम फैलाकर कराए जा रहे दंगों के प्रति भ्रमित समाज को कानून के असली रूप को अवगत कराना था। पुलिस-प्रशासन द्वारा रैलियों पर लगाई गई रोक से क्षेत्रों की जनता में रोष व्याप्त है। पुलिस-प्रशासन ने राष्ट्रीय हित के कार्य में व्यवधान पैदा कर संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है। इस मौके पर मेयर ऊषा चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष राम मेहरोत्रा, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष खिलेंद्र चौधरी, डीसीबी अध्यक्ष नरेंद्र मानस, डॉ. गिरीश तिवारी, गुरविंदर सिंह चंडोक आदि थे।

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