यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गलत जाति प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहीं जसपुर की सीडीपीओ बर्खास्त
फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाली जसपुर ग्रामीण की सीडीपीओ लक्ष्मी टम्टा को निदेशक ने बर्खास्त कर दिया है। पूरा मामला अधिवक्ता नितिन कुमार की शिकायत पर सामने आया।

जसपुर (ऊधमसिंह नगर), जेएनएन : फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाली जसपुर ग्रामीण की सीडीपीओ लक्ष्मी टम्टा को निदेशक ने बर्खास्त कर दिया है। पूरा मामला अधिवक्ता नितिन कुमार की शिकायत पर सामने आया। लक्ष्मी सामान्य जाति की होने के बाद भी अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी कर रही थीं। मोहल्ला भूप सिंह निवासी अधिवक्ता नितिन कुमार ने छह जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री समाधान पोर्टल व उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग से शिकायत दर्ज कराई थी।
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शिकायत में बताया था कि सीडीपीओ के पद पर तैनात लक्ष्मी टम्टा सामान्य जाति की हैं। उन्होंने गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लिया है, लक्ष्मी टम्टा अल्मोड़ा जिले की रहने वाली हैं। इस पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की निदेशक झरना कमठान ने शिकायत को डीएम अल्मोड़ा के लिए भेजते हुए इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट में डीएम ने बताया कि अल्मोड़ा जिले के ग्राम दन्या निवासी लक्ष्मी टम्टा सामान्य जाति के परिवार से हैं। उनका विवाह अनुसूचित जाति परिवार में हुआ। इस पर उन्होंने आरक्षित श्रेणी (अनुसूचित जाति) का प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी हासिल कर ली। जांच में इस प्रमाणपत्र को पूरी तरह अवैध करार दे दिया गया। रिपोर्ट के आधार पर निदेशक ने तीन सितंबर को सीडीपीओ को बर्खास्त कर दिया। इधर, इस मामले में डीएम अल्मोड़ा ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र को निरस्त करते हुए उसे जब्त भी कर लिया है।
