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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

corona effect : कोरोना वायरस के चलते काशीपुर में लगने वाला ऐतिहासिक चैती मेला स्थगित

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 17 Mar 2020 06:38 PM (IST)

उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में चैत्र मास की नवरात्र में ऐतिहासिक चैती मेला लगता जहां पर हजारों श्रद्धालु शीश नवाते हैं।

corona effect : कोरोना वायरस के चलते काशीपुर में लगने वाला ऐतिहासिक चैती मेला स्थगित
corona effect : कोरोना वायरस के चलते काशीपुर में लगने वाला ऐतिहासिक चैती मेला स्थगित

काशीपुर, जेएनएन : उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में चैत्र मास की नवरात्र में ऐतिहासिक चैती मेला लगता जहां पर हजारों श्रद्धालु शीश नवाते हैं। मां बाल सुंदरी के इस मंदिर में नवरात्र की अष्टमी, नवमी और दशमी के दिन यहां विशाल मेला भी लगता है। इस बार कोरोना के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह मेला नहीं लग सकेगा।

मुगलों के समय से शक्तिपीठ मां बाल सुंदरी मंदिर के आसपास एक विशाल मेला लगाया जाता है। आस्था का सैलाब इस मंदिर में उमड़ता है। नवविवाहित जोड़े यहां पर मां से आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। नवरात्रों में यहां पर मेले में बाहरी राच्यों से भी लोगों आना जाना होता है। पर इस वक्त कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से इस बार यह मेला स्थगित कर दिया गया है। एसडीएम सुंदर सिंह ने इस मेले को स्थगित कर दिया है। उन्होंने इसके अलावा सभी जिम, तरणताल, क्लब, एम्यूजमेंट, पार्कों और छविग्रहों को भी 31 मार्च तक के लिए बंद करने के आदेश दिए हैं।

क्या हैं मंदिर का इतिहास

तत्कालीन मुगल सम्राट औरंगजेब ने भी मंदिर को बनाने में सहायता दी थी। बताते हैं कि एक बार एक महात्मा आए। उन्होंने मंदिर के पुजारी पंडा को शक्ति दिखाने को कहा तो पंडा ने परिसर स्थित कदंब के पेड़ पर पानी का छींटा मारा तो पेड़ फ़ौरन सूख गया। तब उन्होंने फिर उसे हरा करने को कहा तो पंडा ने पेड़ हरा कर दिया, लेकिन पेड़ खोखला रह गया। यह पेड़ आज भी यहां दिखाई देता है। खासतौर पर थारू जाति के लोगों की इस देवी पर बहुत आस्था है और थारुओं के नवविवाहित जोड़े मां से आशीर्वाद लेने चैती मेले में जरूर पहुंचते हैं।