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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Corona virus : भारत में प्रवेश कर रहे काेरोना वायरस के संदग्धि युवक को नेपाल लौटाया गया

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Wed, 04 Mar 2020 11:42 AM (IST)

भारत में कोरोना वायरस के कई संदिग्‍ध मिले हैं। इसको देखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग खासी सतर्कता बरत रहा है। देश की सीमाओं को अलर्ट किया गया है।

Corona virus : भारत में प्रवेश कर रहे काेरोना वायरस के संदग्धि युवक को नेपाल लौटाया गया
Corona virus : भारत में प्रवेश कर रहे काेरोना वायरस के संदग्धि युवक को नेपाल लौटाया गया

पिथौरागढ़, जेएनएन : भारत में कोरोना वायरस के कई संदिग्‍ध मिले हैं। इसको देखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग खासी सतर्कता बरत रहा है। देश की सीमाओं को अलर्ट किया गया है। भारत-नेपाल बार्डर पर तैनात स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम संदिग्‍धों की बिना जांच के प्रवेश नहीं दे रही है। मंगलवार को नेपाल के सुनसेरा गांव निवासी बीस वर्षीय बीमार युवक को एसएसबी की टीम ने भारत में प्रवेश करते ही नेपाल लौटा दिया है। चिकित्‍सकों के मुताबिक युवक कोरोना वायरस का संदिग्‍ध है।

बाॅर्डर पर तैनात चिकित्‍सकों ने की जांच

नेपाल के सुनसेरा गांव निवासी रमेश (20) काठमांडू से अपने जिला मुख्यालय दार्चुला पहुंंचा था। जहां  वह झूलापुल से भारत आकर अपने गांव सुनसेरा जाना चाहता था। नेपाल का सुनसेरा गांव भारत के तवाघाट के सामने काली नदी के उस पार है। जब वह धारचूला में अंतरराष्ट्रीय झूला पुल से भारत को आया तो पुल पर तैनात एसएसबी की महिला जवान देवकी भट्ट, मनुप्रिया, सतीश कुमार ने उसकी चेकिंग की तो वह काफी बीमार लगा। जवानों ने तत्काल इसकी जानकारी पुल पर कोरोना को लेकर स्थापित किए गए सतर्कता कैंप में तैनात डॉ. लक्ष्य को दी। चिकित्सा टीम ने युवक का परीक्षण किया और इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दी। परीक्षण मेंं संदिग्ध की आशंका होने पर एसएसबी के पुल इंचार्ज एएसआइ मोहन सिंह ने उसे वापस नेपाल भेज दिया है।

बाॅर्डर पर चीनी नागरिकों का जमावड़ा हो सकता है खतरनाक

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद से लगी नेपाल सीमा पर चीनी नागरिकों का जमावड़ा भारत के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। चीन के इन नागरिकों के जरिए कोरोना वायरस के उत्तराखंड में फैलने की आशंका बनी है। भारत-नेपाल के बीच आवागमन करने वालों की जांच की जा रही है, लेकिन इंतजाम नाकाफी हैं। दरअसल नेपाल का गोकल्या जिला भारत के पिथौरागढ़ जिले से लगा हुआ है। नेपाल इस जिले की चमलिया नदी में चीन की मदद से विशाल जल विद्युत परियोजना तैयार कर रहा है। इसके लिए चीन ने बड़ी तादात में इंजीनियर और तकनीशियन यहां भेज रखे हैं। इस प्रोजेक्ट में हजारों की तादात में नेपाली मजदूर भी काम कर रहे हैं। इन मजदूरों का भारत आना जाना लगा रहता है।

नेपाल में नहीं बरती जा रही सतर्कता

नेपाल में कोरोना वायरस को लेकर फिलहाल कोई खास सतर्कता नहीं बरती जा रही है, हालांकि नेपाल से अभी तक इस वायरस से प्रभावित होने का मामला  सामने नहीं आए हैं, लेकिन चीनी नागरिकों के सम्पर्क में आने वाले नेपाली नागरिकों के भारत आने पर वायरस के पहुंचने की आशंका बनी हुई है। धारचूला और झूलाघाट में नेपाल को जोडऩे वाले पैदल पुलों पर आवागमन करने वालों की सामान्य जांच की जा रही है, लेकिन जांच की व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं। इससे सीमावर्ती जिले के लोगों में आशंकाएं बनी हुई हैं।

नेपाल के रास्‍ते चीनी नागरिकों के प्रवेश पर रोक

कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए चीनी नागरिकों के नेपाल के रास्‍ते भारत आने पर रोक लगा दी गई है। अब भारत आने वाले चीनी नागरिकों को चीन सरकार के पत्र पर केवल दिल्‍ली एयरपोर्ट पर आने की सुविधा दी जाएगी, जहां उन्‍हें सेना व आइटीबीपी की सुरक्षा में मेडिकल आब्‍जर्वेश में 14 दिन रखा जाएगा। पिछले दिनों नेपाल के रास्‍ते आ रहे चीनी नागरिकों को वापस कर दिया गया था।

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