विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड में म्यूल अकांउट से बड़ा लेनदेन, दो खातों से जुड़े 24 राज्यों के तार

Published: Wed, 09 Sep 2026 09:10 AM (IST)

पंजाब एंड सिंध बैंक के दो खातों में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन का मामला सामने आया है, जिसके ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी  पंजाब एंड सिंध बैंक के दो खातों में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन का मामला सामने आया है। साइबर सेल की प्रारंभिक जांच के बाद बैंक के विरुद्ध नहीं, बल्कि दोनों खाताधारकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी उपनिरीक्षक अविनाश मौर्य की तहरीर पर दर्ज हुई है।

मामला पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए जा रहे आपरेशन साइबर हाटस्पाट-2026 के तहत पकड़ में आया। नैनीताल पुलिस को समन्वय पोर्टल के प्रतिबिंब माड्यूल से साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे म्यूल खातों की रिपोर्ट मिली थी। इसमें पंजाब एंड सिंध बैंक के दो खातों का नाम सामने आया। इसके बाद साइबर सेल ने दोनों खातों की प्रारंभिक जांच की।

जांच में पहले खाते में नौ से 20 जुलाई 2026 के बीच 67,355 रुपये आने की पुष्टि हुई। इस खाते से जुड़े अलग-अलग राज्यों के 11 मामले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज मिले। दूसरे खाते में 28 फरवरी से दो मार्च 2026 के बीच 2,45,078 रुपये आए। इस खाते से जुड़े 13 मामले दर्ज मिले।

यह भी पढ़ें- कमीशन का लालच... म्यूल अकाउंट और क्रिप्टोकरेंसी... उत्तराखंड में इंटरनेशनल साइबर ठगी का खुलासा, छह गिरफ्तार

इस तरह दोनों खातों से संबंधित कुल 24 शिकायतें सामने आईं। खाता धारकों के सत्यापन में पहला खाता विक्रम पुत्र प्रसादी निवासी बड़ी मुखानी नियर जज फार्म मुखानी के नाम मिला। दूसरा खाता आफताब पुत्र कय्यूम खान निवासी मिलक मालसा गिरधरपुर लालपुर ऊधमसिंह नगर के नाम पर मिला। दोनों खाताधारकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

संदिग्ध लेनदेने पर हुआ शक

खातों की जांच के दौरान इनमें अलग-अलग राज्यों से रकम आने और संदिग्ध लेनदेन होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित धनराशि के लेनदेन के लिए किया गया। जांच में दोनों खातों को म्यूल खाते के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।

साइबर सेल की नजर में कैसे आया मामला

प्रतिबिंब माड्यूल पर साइबर अपराधों में इस्तेमाल खातों की रिपोर्ट सामने आने के बाद नैनीताल साइबर सेल ने बैंक खातों की प्रारंभिक जांच की। खातों में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों और रकम के लेनदेन का मिलान किया गया। इसके बाद खाताधारकों का सत्यापन कराया गया।

यह भी पढ़ें- बाजपुर में 4.33 लाख की साइबर ठगी: म्यूल खातों के जरिए धोखाधड़ी में खाताधारक पर केस

आपरेशन साइबर हाटस्पाट-2026 के तहत पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। छोटे से लालच के चक्कर में बैंक खाता बेचने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द और बड़ी कार्रवाई की जाएगी। - मनोज कत्याल, एसपी सिटी