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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रोजाना टनों के हिसाब से निकल रहे नारियल के खोखे में पल रहे डेंगू के मच्‍छर nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 22 Feb 2020 11:16 AM (IST)

शहर में नारियल पानी का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। शहर की मुख्य सड़कों के फुटपाथ पर धड़ल्ले से नारियल पानी बिक रहा है।

रोजाना टनों के हिसाब से निकल रहे नारियल के खोखे में पल रहे डेंगू के मच्‍छर nainital news
रोजाना टनों के हिसाब से निकल रहे नारियल के खोखे में पल रहे डेंगू के मच्‍छर nainital news

हल्द्वानी, गणेश पांडे : शहर में नारियल पानी का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। शहर की मुख्य सड़कों के फुटपाथ पर धड़ल्ले से नारियल पानी बिक रहा है। जिससे रोजाना टनों के हिसाब से नारियल खोखे निकल रहे हैं। खास बात ये है कि नारियल खोखे के निस्तारण के लिए शहर में न कोई व्यवस्था है और न कोई निगरानी तंत्र। जिसका खामियाजा आने वाली गर्मियों में लोगों को डेंगू के रूप में भुगतना पड़ सकता है।

रोजाना 1200 से डेढ़ हजार नारियल बिकते हैं

शहर के नैनीताल रोड, रामपुर रोड व बरेली रोड पर आजकल नारियल बेचने वालों के जगह-जगह ठेले गए हैं। इनकी संख्या 15 से अधिक है। नारियल बेचने वाले यह लोग कौन और कहां के हैं, किसी के पास इनका रिकॉर्ड नहीं है। दैनिक जागरण की पड़ताल के मुताबिक हल्द्वानी में रोजाना 1200 से डेढ़ हजार नारियल की बिक्री होती है। अधिकांश लोग मौके पर नारियल पानी पीकर चले जाते हैं। नारियल पानी बेचने वाले कारोबारी खाली खोखे को सड़क किनारे में फैंक देते हैं। सख्त व मोटे छिलके वाले नारियल लंबे समय तक नष्ट नहीं होते। जिस कारण बरसात में नारियल के खाली खोखो में पानी अटकने से उसमें डेंगू का लार्वा पनपने का बड़ा खतरा रहता है।

पिछले साल 15 लाख हुए खर्च

पिछली गर्मी में डेंगू का प्रकोप बढऩे के कारण नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। नगर निगम ने फॉगिंग में 15 लाख रुपये से अधिक धनराशि व्यय की। यह आंकड़ा अब तक का सर्वाधिक है।

अप्रैल से डेंगू कार्ड बांटेगा निगम

डेंगू से बचाव के लिए नगर निगम ने इस बार व्यापक योजना तैयार की है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि अप्रैल पहले सप्ताह से प्रत्येक स्कूल में डेंगू कार्ड व पंपलेट बांटकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिससे लोग अपने आसपास की सफाई की निगरानी कर सकेंगे। सफाई नायकों के माध्यम से घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।

एक कारोबारी करता है सप्लाई

कारोबारियों के मुताबिक हल्द्वानी में नारियल कारोबार करने वाला एक व्यक्ति है। कोलकाता से ट्रक से नारियल आने के बाद कारोबारी ठेले लगाने वालों को बेचता है। कुछ लोग कारोबारी द्वारा बिठाए हुए बताए जाते हैं। डॉ. मनोज कांडपाल, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि डेंगू का लार्वा फैलाने में नारियल का खोखा व पुराने टायर सबसे बड़ी वजह बनते हैं। नारियल के खोखे को टुकड़ों में काटकर नष्ट करना जरूरी है। यह प्रयास रहे कि उसमें पानी जमा होने की संभावना न बचे।  वहीं सीएस मर्तोलिया, नगर आयुक्त का कहना है कि फुटपाथ पर व्यवसाय करना कानूनी रूप से गलत है। नारियल पानी बेचने वाले सीजनल कारोबारी हैं। इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। इससे डेंगू फैलने का भी खतरा रहता है। जल्द ही इन्हें हटाया जाएगा।

मलेरिया विभाग को खुद इलाज की जरूरत

नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जिले के लिए जिला मलेरिया अधिकारी एक ही हैं। पिछले वर्ष से दोनों जिलों में अधिकारियों की संख्या तो बढ़ा दी, लेकिन दोनों का कार्यालय और कर्मचारी वही हैं। कुल पांच कर्मचारी भी नहीं हैं। इसकी वजह से नियमित फॉगिंग से लेकर जागरूकता अभियान संचालित नहीं हो पाता है। आलम यह है कि पिछले वर्ष फॉगिंग के लिए मशीनें खरीदी गई थी। उसका बजट अभी तक नहीं मिला। यहां तक कई अन्य जरूरतों के लिए भी बजट नहीं मिला।

ये थी पिछले वर्ष की स्थिति

सरकारी आंकड़ों के अनुसार नैनीताल जिले में ही 3272 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। केवल दो मरीजों की मौत हुई। जबकि हकीकत इसके ठीक विपरीत रही। पांच हजार से अधिक मरीज प्रभावित हुए। 28 से अधिक मरीजों की मौत हुई। अभी तक डेट ऑडिट तक नहीं हुआ।

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