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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जलशक्ति अभियान : नैनीताल को नंबर वन बनाने की होगी कोशिश

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 10 Sep 2019 07:40 AM (IST)

जलशक्ति अभियान में नैनीताल जिले को राष्टï्रीयस्तर पर छठा स्थान प्राप्त हुआ है। इससे जिला प्रशासन के अधिकारी उत्साहित हैं।

जलशक्ति अभियान : नैनीताल को नंबर वन बनाने की होगी कोशिश
जलशक्ति अभियान : नैनीताल को नंबर वन बनाने की होगी कोशिश

नैनीताल, जेएनएन : जलशक्ति अभियान में नैनीताल जिले को राष्टï्रीयस्तर पर छठा स्थान प्राप्त हुआ है। इससे जिला प्रशासन के अधिकारी उत्साहित हैं। डीएम सविन बंसल ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कहा कि अगली रैंकिंग में देश में नंबर वन स्थान बनाने के लिए कार्ययोजना का क्रियान्वयन और बेहतर ढंग से किया जाएगा।

भारत सरकार ने जलशक्ति अभियान के लिए नैनीताल जिले का चयन किया था। केंद्रीय जल संसाधन के संयुक्त सचिव एसएस संधू, राज्य के पेयजल सचिव अरविंद ह्यांकी ने नैनीताल आकर अभियान की समीक्षा की थी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही तमाम कार्यों, जनजागरूकता अभियान को पोर्टल पर अपलोड करने के तौर तरीके भी बताए थे। डीएम ने बतया कि जल शक्ति अभियान के तहत पंचायती राज, स्वजल, इंट्रीगेटेड लिवलीहुड कार्यक्रम, कृषि, उद्यान, मनरेगा, जल संस्थान, वन विभाग आदि के माध्यम से चाल-खाल, चेक डैम बनाए गए, जलस्रोतों का जीर्णोद्धार भी कराए गए। स्कूलों को भी इस अभियान में शामिल किया गया था। जल संरक्षण के तहत 866 किए गए। परंपरागत पुराने जलस्रोत संरक्षण के 76, वाटरशेड के 588, पौधरोपण के 175 कार्य पूरे किए गए।

अब जिले में 75 नर्सरियां बनाई जा रही हैं। वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद के अनुसार, वन विभाग ने नैनीताल से 11 किमी दूर किलबरी क्षेत्र के नैना देवी बर्ड कन्जरवेशन रिजर्व क्षेत्र में 45 लाख लीटर जल संग्रहण क्षमता का टैंक बनाया गया है। इससे वन्य जीवों की प्यास बुझने के साथ ही ग्राउंड लेबल जलस्तर बढऩे की उम्मीद है। लंबाई ढाई सौ मीटर व गहराई डेढ़ मीटर है। इसके अलावा नैनीताल वन प्रभाग के तहत 13 लाख पौधे लगाए गए हैं। डीएम सविन बंसल का कहना है कि जल शक्ति अभियान में राष्टï्रीय स्तर पर पहला नंबर हासिल करने के लिए पूरी मशीनरी जुटी है। राष्टï्रीय स्तर पर छठा नंबर आना बेहतर शुरुआत है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी, गैर सरकारी संगठनों आदि के सहयोग से जिले को देश में नंबर वन रैंक दिलाने की कोशिश होगी।

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