यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बायोमेडिकल वेस्ट में लापरवाही बरतने पर लगाया 50 हजार का जुर्माना nainital news
डीएम सविन बंसल के निर्देश पर बिना मानकों के संचालित निजी अस्पतालों व जांच केंद्रों पर कार्रवाई जारी है। बुधवार को टीम परख इमेजिंग सेंटर पहुंची।

हल्द्वानी, जेएनएन : डीएम सविन बंसल के निर्देश पर बिना मानकों के संचालित निजी अस्पतालों व जांच केंद्रों पर कार्रवाई जारी है। बुधवार को टीम परख इमेजिंग सेंटर पहुंची। जहां डायग्नोस्टिक सेंटर पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत दुरुस्त मिला, लेकिन बायोमेडिकल वेस्ट के सही तरीके से निस्तारण नहीं होने पर सेंटर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने टीम के साथ किया औचक निरीक्षण
सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत, डॉ. अजय शर्मा, जिला समन्वयक अनूप बमोला, क्वालिटी कंसलटेंट दीपक कांडपाल, विधिक सलाहकार सचिन श्रीवास्तव, सावित्री, कविता ने परख इमेजिंग सेंटर का औचक निरीक्षण किया। डॉ. पंत का कहना है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट (गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक विनियमन व दुरुपयोग अधिनियम) के तहत सेंटर में सबकुछ दुरुस्त मिला।
वेस्ट को 48 घंटों से ज्यादा समय तक स्टोर किया
बायोमेडिकल वेस्ट के नियमों के तहत कलर कोटेड बिंस रखे गए थे, लेकिन वेस्ट को 48 घंटों से ज्यादा समय तक स्टोर किया गया था। इसके लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। इसी सेंटर पर पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर भी संचालित हो रहा था। संचालक इससे संबंधित किसी भी तरह के दस्तावेज नहीं दिखा सके। स्ट्रेलाइजेशन के लिए ऑटोक्लेविंग ड्रम नहीं मिले। इसके चलते कलेक्शन सेंटर को सील कर दिया गया।
परख इमेजिंग सेंटर का पक्ष भी जान लीजिए
डॉ. पंकज महेश, संचालक, परख इमेजिंग सेंटर ने बताया कि छोटे सेंटरों पर कूड़ा वाहन ही एक सप्ताह में आता है। वैसे भी हमारे यहां बायोमेडिकल वेस्ट भी ज्यादा नहीं होता है। इसलिए एक जगह पर ही कूड़ेदान रखे हैं। आरएल मेमोरियल का पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर है। इस सेंटर के संचालक शहर से बाहर हैं। इसलिए उनका एग्रीमेंट नहीं दिखा सके।
सीवर लाइन बदलने के लिए जल संस्थान को दिए निर्देश
नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह के नेतृत्व में टीम ने बुधवार को बेस चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम को अस्पताल में सफाई, भोजन, दवा वितरण की व्यवस्था देखी गई। भोजन की गुणवत्ता, निश्शुल्क दवा वितरण की जानकारियां ली। टीम को पहले से बेहतर सफाई व्यवस्था मिली। किचन के निरीक्षण दौरान सफाई पहले से बेहतर मिली। किचन के बार टोंटी लीक कर रही थी, जिसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अस्पताल के बाहर सीवर लाइन बहने पर भी सिटी मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताई और जल संस्थान को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डॉ. डीएस पंचपाल, गोविंद सिंह बिष्ट, मिथिलेश पांडे मौजूद रहे।
