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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नैनीताल पहुंचे वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कांग्रेस में वापसी को लेकर क्‍या कहा.... nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 26 Jan 2020 05:53 PM (IST)

वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि एक हजार मीटर से अधिक ऊंचाई के पर्वतीय इलाकों में हरे पेड़ काटने पर पाबंदी हटाने को लेकर महकमा गंभीर है।

नैनीताल पहुंचे वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कांग्रेस में वापसी को लेकर क्‍या कहा.... nainital news
नैनीताल पहुंचे वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कांग्रेस में वापसी को लेकर क्‍या कहा.... nainital news

नैनीताल, जेएनएन : वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि एक हजार मीटर से अधिक ऊंचाई के पर्वतीय इलाकों में हरे पेड़ काटने पर पाबंदी हटाने को लेकर महकमा गंभीर है। इसको लेकर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पत्राचार किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसे स्वीकृति देने का आग्रह किया है। केंद्रीय वन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से भी मुलाकात की गई है। यह बातें वन मंत्री ने नैनीताल के चिड़ियाघर में इंटरप्रिटेशन सेंटर के लोकार्पण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं। 

कांग्रेस में वापसी का सवाल ही नहीं

पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. हरक सिंह रावत ने कांग्रेस में वापसी की बात से साफ तौर पर इंकार कर दिया। हरीश रावत की ट्वीट का हवाला देते हुए उनसे पूछा गया कि हरदा ने तो स्‍पष्‍ट कर दिया है कि किसी की वापसी में बाधा नहीं बनेंगे। इस पर हरक सिंह रावत ने कहा कि वापसी का सवाल ही नहीं है। जब पार्टी में हालात बेहद खराब हो गए थे, तब हरीश रावत काे हर स्‍तर पर समझाने की कोशिश की गई थी, पार्टी पदाधिकारियों की उपेक्षा पर भी उनसे सवाल किए गए थे। लेकिन तक उन्‍होंने एक न सुनी, जिसके कारण कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा।

वन्‍यजीवों से नुकसान का मुआवजा आपदा मद से दिया जाएगा

पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि मानव वन्‍यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं जिंताजनक हैं। सरकार इसको रोकने के लिए अपने स्‍तर पर प्रयासरत है। पीडि़तों को तत्‍काल मुआवजा मिल सके इस‍के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम अब वन्य जीवों से नुकसान का मुआवजा आपदा मद से दिया जाएगा।

निजी क्षेत्र के वनों के लिए जारी किया गया था आदेश

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने वनों की परिभाषा तय करने का अधिकार राज्यों पर छोड़ा है। दस हेक्टेयर से कम वाले वन को वनों की परिभाषा से दायरे से बाहर करने के मामले में कहा कि निजी क्षेत्र के वनों के लिए आदेश जारी किया गया था। दरअसल राज्‍य सरकार द्वारा वनों की नई परिभाषा तय कर देने के बाद से इसको लेकर काफी बवाल मचा था। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया।

रिवर्स पलायन के लिए किया जाएगा प्रयास

रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने को यह निर्णय लिया गया था। मंत्री ने कहा कि हल्द्वानी चिड़ियाघर का काम एक माह में शुरू हो जाएगा। इस अवसर पर विधायक संजीव आर्य, मुख्य वन संरक्षक डॉ विवेक कुमार पांडेय व पराग मधुकर धकाते,  दिनकर तिवारी, ममता चंद,  तनुजा परिहार, भाजपा नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट, मनोज जोशी आदि मौजूद रहे।

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