यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में तैनात लखनऊ निवासी फॉरेस्टर की स्वाइन फ्लू से मौत
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में तैनात फॉरेस्टर की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। लखनऊ पीजीआइ में फॉरेस्टर ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। परिजनों द्वारा उनका दाह संस्कार लखनऊ में किया गया।

रामनगर, जेएनएन : कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में तैनात फॉरेस्टर की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। लखनऊ पीजीआइ में फॉरेस्टर ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। परिजनों द्वारा उनका दाह संस्कार लखनऊ में किया गया। कालागढ़ में यह स्वाइन फ्लू का पहला मामला बताया जा रहा है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश लखनऊ निवासी फॉरेस्टर दयाशंकर चौरसिया कई सालों से कॉर्बेट के कालागढ़ क्षेत्र में फॉरेस्टर के पद पर तैनात थे। शनिवार को कालागढ़ वन चौकी में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने बुखार व कमजोरी होने की बात अपने साथियों को बताई। हालत अधिक खराब होने पर उन्हें उपचार के लिए उप्र धामपुर में एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां जांच के दौरान उन्हें फेफड़े में संक्रमण की शिकायत बताते हुए मुरादाबाद ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्हें मुरादाबाद के विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया। यहां भी चिकित्सकों ने फेफड़े में संक्रमण फैलने की बात कही। चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए लखनऊ पीजीआइ ले जाने के लिए कहा। लखनऊ पीजीआइ में खून की जांच में उनमें स्वाइन फ्लू होने की पुष्टिï हुई। इसके बाद उन्हेें पीजीआइ में ही भर्ती कर लिया गया। कालागढ़ के एसडीओ रमाकांत तिवारी ने बताया कि सोमवार देर शाम उपचार के दौरान फॉरेस्टर ने दम तोड़ दिया।

