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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हार्ट अटैक से हुई थी पूर्व फौजी की मौत, बेटी ने नहीं घोंटा था गला nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 19 Jan 2020 07:00 AM (IST)

पूर्व फौजी पिता की हत्या का कलंक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने धो दिया। बेटी ने पिता की गला दबाकर हत्या नहीं की थी बल्कि हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हुई थी।

हार्ट अटैक से हुई थी पूर्व फौजी की मौत, बेटी ने नहीं घोंटा था गला nainital news
हार्ट अटैक से हुई थी पूर्व फौजी की मौत, बेटी ने नहीं घोंटा था गला nainital news

हल्द्वानी, जेएनएन : मानसिक रोगी बेटी के माथे पर लगा पूर्व फौजी पिता की हत्या का कलंक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने धो दिया। बेटी ने पिता की गला दबाकर हत्या नहीं की थी, बल्कि हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया। देर शाम पत्नी, बेटे व बेटियों आदि परिजनों के पहुंचने पर शव घर ले जाया जाएगा। मानसिक बीमारी की वजह से प्रथम दृष्टया लोगों के साथ पुलिस ने भी सबसे छोटी बेटी पर मफलर से गला दबाकर पूर्व फौजी की हत्या की आशंका जताई थी।

बरेली रोड की चौधरी कालोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त फौजी शूर (सूर्य) सिंह नेगी की शुक्रवार की रात संदिग्ध हालात में मौत हो गयी थी। अंतिम बार शूर सिंह ने अपने किरायेदार राकेश को चिल्लाकर पुकारा। राकेश के पहुंचने पर दरवाजा भीतर से बंद था। दरवाजे के बगल की खिड़की से झांकने पर राकेश ने शूर सिंह को ड्राइंग रूम में पड़ा देखा। हो-हल्ला मचने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रही बेटी ज्योति ने दरवाजा खोला। प्रथम दृष्टया ज्योति पर ही पिता शूर सिंह की मफलर से गला दबाकर हत्या करने का शक गया। पुलिस के पहुंचने पर लोगों ने ज्योति को पकड़कर डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात मूल रूप से कोटाबाग के नाथूनगर में रहने वाले ज्योति के पति राजेंद्र कन्याल व परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने रात में ही शव को मोर्चरी में रखवा दिया था।

पोस्‍टमार्टम में हुआ खुलासा

शनिवार की दोपहर शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में तो तथ्य सामने आए, उससे सभी हतप्रभ हो गए। चिकित्सकों को शूर सिंह के गला दबाने के साथ ही शरीर में किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले। चिकित्सकों ने दिल का दौरा पडऩे की वजह से शूर सिंह की मृत्यु होने की संभावना जताने के साथ ही बिसरा व दिल के टुकड़े जांच के लिए सुरक्षित रखवाए हैं। अगर जरूरत पड़ी तो फॉरेंसिक जांच कराकर मृत्यु की सही वजह पता लगायी जाएगी। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबसे छोटी बेटी पर लगे अपने ही पिता की हत्या करने का दाग 12 घंटे के भीतर धो दिया है। बनभूलपुरा के थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि शूर सिंह के पोस्टमार्टम में गला दबाने या चोट के निशान नहीं मिले हैं। चिकित्सकों ने दिल का दौरा पडऩे से शूर सिंह की मृत्यु की संभावना जताई है। परिजनों ने अगर इच्छा जताई तो बिसरा व दिल के सैंपल की फॉरेंसिक जांच करायी जाएगी।

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