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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व विधानसभाध्‍यक्ष कुंजवाल बोले, अंतरिम बजट महज आंकड़ों की बाजीगरी

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 02 Feb 2019 08:54 PM (IST)

कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि अंतरिम बजट मात्र आंकड़ों की बाजीगरी है।

पूर्व विधानसभाध्‍यक्ष कुंजवाल बोले, अंतरिम बजट महज आंकड़ों की बाजीगरी
पूर्व विधानसभाध्‍यक्ष कुंजवाल बोले, अंतरिम बजट महज आंकड़ों की बाजीगरी

काशीपुर, जेएनएन : कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि अंतरिम बजट मात्र आंकड़ों की बाजीगरी है। अगर गहनता से अध्ययन किया जाए तो साफ पता लग जाएगा कि बजट सिर्फ चुनावी बजट है। किसान को पांच सौ रुपये माह देकर लुभाने की कोशिश की गई है। बढ़ती महंगाई में पांच सौ रुपये से अन्नदाता का कोई भला नहीं होने वाला है।

रामनगर रोड स्थित आयोजित 'नशे के खिलाफ जंग, परंपरागत खेल खेलेंगे हम कार्यक्रम में कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल बतौर मुख्यअतिथि शिरकत करने पहुंचे थे। जहां पर वह विजेता टीमों को पुरस्कृत करने से पहले पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान बजट पर पूछे गए सवाल पर कुंजवाल ने कहा कि किसान परेशान है, मात्र पांच सौ रुपये देना किसान की समस्याओं का हल नहीं है। कांग्रेस के समय में किसानों को एक हजार रुपये की पेंशन देने वाला उत्तराखंड पहला प्रदेश बना था। इस बजट में बेरोजगारों को तीन हजार रुपये पेंशन देने की बात की गई है, लेकिन पेंशन का आधार क्या होगा। यह अभी साफ नहीं किया गया है।

कांग्रेस के मंत्री हरीश दुर्गापाल के समय में बेरोजगारों को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें संबंधित रोजगार के लिए 10 हजार रुपये की किट प्रदान की जाती थी। भाजपा का अंतरिम बजट मात्र चुनाव को प्रभावित करने का तरीका है। उन्होंने कहा कि सबसे दुखद बात यह है कि इसमें रोजगार के कोई संकेत नहीं हैं। नैनीताल-उधमङ्क्षसह नगर संसदीय सीट से दावेदारी पर उन्होंने कहा कि चुनाव मैदान में उतरने के लिए सीट पर कई दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन मतदाता परिवर्तन चाहता है। आलाकमान व पार्टी जिसको चुनाव मैदान में उतारेगी, सभी मिलकर उसे ही सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूत स्थिति को देखते हुए आगामी चुनाव में प्रदेश की पांचों सीट कांग्रेस की ही झोली में जाने वाली हैं।

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