विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व शिक्षा मंत्री नैथानी पहुंचे हल्‍द्वानी, घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर के किए दर्शन Nainital News

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 29 Feb 2020 07:43 PM (GMT+05:30)

पूर्व शिक्षा एवं पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की देव याचना यात्रा शनिवार नैनीताल जिले में पहुंची। नैथानी ने भवाली के घोड़ाखाल स्थित गोलज्यू देवता के दर्शन किए।

पूर्व शिक्षा मंत्री नैथानी पहुंचे हल्‍द्वानी, घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर के किए दर्शन Nainital News
पूर्व शिक्षा मंत्री नैथानी पहुंचे हल्‍द्वानी, घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर के किए दर्शन Nainital News

हल्द्वानी, जेएनएन : पूर्व शिक्षा एवं पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की अगुवाई में निकाली जा रही देव याचना यात्रा शनिवार नैनीताल जिले में पहुंची। नैथानी ने भवाली के घोड़ाखाल स्थित गोलज्यू देवता के दर्शन किए। नैथानी ने विकास प्राधिकरण को विकास का प्राधिकरण करार दिया है। भवाली और हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री का भव्य स्वागत किया।

विकास नहीं ये है विनाश प्राधिकरण

देव याचना यात्रा लेकर भवाली पहुंचे नैथानी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। भवाली मुख्य चौराहे पर सभा में नैथानी ने कहा कि विकास प्राधिकरण आम आदमियों के लिए विनाश प्राधिकरण बन चुका है। पहाड़ का हर व्यक्ति इससे परेशान है। इसलिए सरकार प्राधिकरण को जल्द से जल्द हटाना चाहिए। वह घोड़ाखाल स्थित गोलज्यू के दर्शन को भी पहुंचे। इस दौरान पूर्व विधायक व महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य आदि मौजूद थे।

पूर्व दर्जामंत्री भाकुनी का निधन

अल्मोड़ा के चनौदा निवासी व पूर्व दर्जामंत्री हरीश भाकुनी का शनिवार को निधन हो गया। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी रहे भाकुनी की शनिवार शाम गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई। 70 वर्षीय भाकुनी का काफी समय से बीमार थे। शुक्रवार को लंबी बीमारी के चलते बरेली के राममूॢत अस्पताल में निधन हो गया था। वह कांग्रेस सरकार में केएमवीएन के उपाध्यक्ष समेत कांग्रेस संगठन में प्रदेश महामंत्री भी रहे। अंतिम संस्कार में जागेश्वर विधायक गोङ्क्षवद ङ्क्षसह कुंजवाल, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, राज्य आंदोलनकारी संगठन के भानु प्रकाश तिलारा समेत तमाम प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं में फिर बदला मौसम, पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पर हिमपात

यह भी पढ़ें : 'सिद्धार्थ' से पर्यावरण का संबंध सिद्ध करेगी वाटिका, रिसर्च से सामने आएगी हकीकत