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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देवस्थानम अधिनियम के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची गंगोत्री मंदिर समिति nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 21 Mar 2020 09:44 AM (IST)

हाइकोर्ट ने चारधाम देवस्थानम बोर्ड के बाद गंगोत्रीधाम को भी शामिल करने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई की।

देवस्थानम अधिनियम के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची गंगोत्री मंदिर समिति nainital news
देवस्थानम अधिनियम के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची गंगोत्री मंदिर समिति nainital news

नैनीताल, जेएनएन : हाइकोर्ट ने चारधाम देवस्थानम बोर्ड के बाद गंगोत्रीधाम को भी शामिल करने के खिलाफ  दायर याचिका की सुनवाई की। जिसमें मंदिर समिति के सीईओ को नोटिस जारी कर सरकार से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तिथि नियत की है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। इस याचिका को कोर्ट ने चारधाम देवस्थानम से संबंधित भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की जनहित याचिका के साथ जोड़ दिया गया है।

मंदिर समिति गंगोत्रीधाम ने याचिका दायर कर कहा है कि सरकार ने चारधामों के साथ गंगोत्रीधाम को भी शामिल कर दिया है, जो न्याय संगत नहीं है। याचिकाकर्ता के अनुसार है गंगोत्री में पुजारी दशकों से पूजा करते आए है और यह स्थानीय लोगों की आस्था के विरुद्ध है। इसे चारधाम देवस्थानम बोर्ड में शामिल नहीं किया जाए। सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने याचिका का कड़ा विरोध किया। खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार से जवाब मांगा है और मंदिर समिति के सीईओ के नोटिस जारी किया है। यहां बता दें कि सरकार के इस अधिनियम के खिलाफ भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी जनहित याचिका दायर की है। जिस पर हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है।

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