यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
परिजनों को बिना बताए किया निकाह तो प्रेमिका पर घर से निकलने पर लगाया प्रतिबंध, जानें फिर क्या हुआ
प्रेमी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना-पत्र देकर प्रेमिका की जान को खतरा बताया था। सर्च वारंट के आधार पर पुलिस ने युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया।

काशीपुर, जेएनएन : प्रेमी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना-पत्र देकर प्रेमिका की जान को खतरा बताया था। सर्च वारंट के आधार पर पुलिस ने युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया। जहां पर उसने प्रेमी संग रहने की इच्छा जाहिर की। इस पर कोर्ट ने उसे स्वतंत्र छोड़ दिया।
कटोराताल, काशीपुर निवासी इमरान का मुरादाबाद के ग्राम तुमडिय़ा निवासी नाजमीन से प्रेम प्रसंग चल रहा था। फरवरी 2019 में दोनों ने परिजनों को बताए बिना निकाह कर लिया। जानकारी होने पर युवती के परिजनों ने उसके घर से निकलने पर रोक लगा दी। इस पर प्रेमी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रेमिका की जान को खतरा होने का प्रार्थना-पत्र दिया था। सर्च वारंट के आधार पर एसआइ जावेद मलिक ने टीम के साथ युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया। जहां पर युवती ने प्रेमी संग रहने की इच्छा जाहिर की। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने युवती को स्वतंत्र कर दिया। साथ ही परिजनों को कोई नुकसान पहुंचाने पर कानूनी कार्रवाई की हिदायत दी।
कटोराताल, काशीपुर निवासी इमरान का मुरादाबाद के ग्राम तुमडिय़ा निवासी नाजमीन से प्रेम प्रसंग चल रहा था। फरवरी 2019 में दोनों ने परिजनों को बताए बिना निकाह कर लिया। जानकारी होने पर युवती के परिजनों ने उसके घर से निकलने पर रोक लगा दी। इस पर प्रेमी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रेमिका की जान को खतरा होने का प्रार्थना-पत्र दिया था। सर्च वारंट के आधार पर एसआइ जावेद मलिक ने टीम के साथ युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया। जहां पर युवती ने प्रेमी संग रहने की इच्छा जाहिर की। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने युवती को स्वतंत्र कर दिया। साथ ही परिजनों को कोई नुकसान पहुंचाने पर कानूनी कार्रवाई की हिदायत दी।

