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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haldwani News: दो अक्टूबर को गिरफ्तार तीन आतंकियों से हल्द्वानी को भी खतरा, जांच में कुछ अहम तथ्य आए सामने

    By Jagran NewsEdited By: riya.pandey
    Updated: Sun, 08 Oct 2023 02:56 PM (IST)

    हल्द्वानी। दो अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने जिन तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर देश के विरुद्ध बड़ी साजिश को नाकाम किया था। उनसे हल्द्वानी को भी खत ...और पढ़ें

    Haldwani News: दो अक्टूबर को गिरफ्तार तीन आतंकियों से हल्द्वानी को भी खतरा
    Haldwani News: दो अक्टूबर को गिरफ्तार तीन आतंकियों से हल्द्वानी को भी खतरा

    HighLights

    1. दो अक्टूबर को गिरफ्तार तीन आतंकियों से हल्द्वानी को भी खतरा
    2. हल्द्वानी की रेकी और बम परीक्षण की बात सामने आई
    3. रेकी की वजह हो सकता था नए ट्रेनिंग सेंटर खोलना

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। दो अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने जिन तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर देश के विरुद्ध बड़ी साजिश को नाकाम किया था। उनसे हल्द्वानी को भी खतरा था। दिल्ली पुलिस की अब तक की जांच से कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे इस बात की आशंका बनी है। पुणे के जंगल में बम धमाके के परीक्षण की पुष्टि तो हो चुकी है।

    हल्द्वानी में रेकी का किया था परीक्षण

    साथ ही बताया जा रहा है कि इन्होंने हल्द्वानी में रेकी करने के साथ इस तरह का परीक्षण भी किया था। दिल्ली पुलिस इन दोनों बिंदुओं को तस्दीक करने में जुटी हे। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि हल्द्वानी की रेकी की वजह कहीं कोई नया ट्रेनिंग सेंटर खोलना तो नहीं था, जहां युवाओं को बरगलाया जाता है।

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किया था गिरफ्तार

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली, लखनऊ व मुरादाबाद से तीन संदिग्ध आतंकियों मोहम्मद शाहनवाज आलम, मोहम्मद रिजवान अशरफ और मोहम्मद अशरद वारसी को गिरफ्तार किया था। जो कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं। इनसे पूछताछ में कई अहम बातें भी सामने आई।

    देश के कई हिस्सों में कर चुके हैं रेकी

    पता चला कि देश के कई हिस्सों में रेकी कर चुके हैं। इनके हल्द्वानी आने की बात भी सामने आई है। यहां बम परीक्षण करने की सत्यता का तो फिलहाल जांच टीम पता लगा रही है लेकिन यह तो तय है कि हल्द्वानी में भी इनकी मौजूदगी थी जो कि बेहद चिंताजनक है।

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    ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि यहां कब आए और किस जगह रहे। शहर से इनका कोई मजबूत कनेक्शन तो नहीं। वहीं, मामले को लेकर एसएसपी पीएन मीणा से बात करने पर उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। मीडिया के माध्यम से पता चला है। पुलिस अपने स्तर से इसे देख रही है।

    जनवरी में पकड़े आतंकियों को हल्द्वानी जेल से था कनेक्शन 

    इस साल 14 जनवरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खालिस्तानी टाइगर फोर्स से जुड़े संदिग्ध आतंकी जगजीत सिंह उर्फ जग्गा उर्फ याकूब उर्फ कप्तान व दूसरे आतंकी संगठन हरकत उल अंसार से जुड़े नौशाद अली को पकड़ा था। इनसे पूछताछ में हल्द्वानी जेल का कनेक्शन सामने आया था। पता चला कि दोनों लंबे समय तक इस जेल में साथ रहे थे। 56 साल का नौशाद मूल रूप से दरभंगा बिहार का रहने वाला था।

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    जनवरी 2021 से मई 2022 तक हल्द्वानी जेल में रहा

    रामनगर के कारोबारी से रंगदारी मांगने के आरोप में वह एक जनवरी 2021 से पांच मई 2022 तक हल्द्वानी जेल में रहा। जबकि जगजीत उर्फ जग्गा निवसी गूलरभोज 29 नवंबर 2018 को हल्द्वानी जेल लाया गया। यहां वो दो अप्रैल 2022 तक रहा। बाद में पैरोल मे बाहर आते ही फरार हो गया। मर्डर समेत अन्य कई मामले उस पर दर्ज थे। इन दोनों को दिल्ली के जहांगीरपुरी से गिरफ्तार किया गया था।

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