यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
coronavirus: नैनीताल जिले में हेल्थ डिजास्टर पीरियड घोषित, अफसरों की छुट्टी रद Nainital News
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए नैनीताल जिले में हेल्थ डिजास्टर पीरियड घोषित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ दूसरे विभाग के अधिकारियों की छुट्टी रद कर दी गई हैं।

नैनीताल, जेएनएन : कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने जिले में हेल्थ डिजास्टर पीरियड घोषित कर दिया गया है। सोमवार से आइसोलेशन वार्डों को सुविधाओं के साथ सक्रिय कर दिया जाएगा। सामग्री खरीद के लिए बजट जारी कर दिया है।
दस टीमें करेंगी संक्रमण का पहचान
कोरोना वायरस के संक्रमण व लक्षण युक्त लोगों की पहचान को 10 टीमें बनाई गई है। डीएम बंसल ने सीएमओ से प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है। फील्ड में कार्यरत टीमें बीमार रोगियों की सूचना पर घर पर जाएंगी और 28 दिन तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
सेनिटाइजर खरीद को 25 लाख मंजूर
क्वेरेनटाइन सुविधा के अंतर्गत वार्डों में आक्सीजन कंसीनेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नेशलाइजर, फेस मास्क एएन-95, सेनिटाइजर आदि की खरीद के लिए आपदा मद से 25 लाख की धनराशि भी दे दी है।
एएनएम, आशा को किया प्रशिक्षित
शनिवार को डीएम सविन बंसल ने कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने मोतीनगर व बागजाला सुविधा केंद्रों पर नजदीक के पीएचसी में तैनात स्टाफ, नर्स, एएनएम, वार्ड ब्ॉाय की तैनाती रोस्टर वार करने के निर्देश सीएमओ को दिए। डीएम ने कहा कि जिले में 600 एएनएम-आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दे दिया है।
अधिकारियों के अवकाश पर लगी रोक
डीएम ने स्वास्थ्य महकमे के अलावा जिले भर के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को मोतीनगर प्रशिक्षण केंद्र तथा बागजाला स्थित प्रसार प्रशिक्षण केंद्र में 100-100 बेड की क्वेरेनटाइन सुविधाएं जुटाने का जिम्मा सौंपा गया है।
सतर्कता बरतने को दिए निर्देश
डीएम ने एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत का जिम्मा सौंपते हुए धार्मिक स्थलों पर रोजाना कोरोना वायरस के संबंध में सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूकता के बारे में जानकारी देने को कहा। उन्होंने होटलों में सावधानी बरतने व बाहर से आने वाले पर्यटकों एवं अन्य लोगों पर विशेष निगरानी रखने व सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। डीपीआरओ को ग्राम प्रधानों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने, समाज कल्याण, बाल विकास व राजस्व विभाग के फील्ड कर्मचारियों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ. भारती राणा, मुख्य कोषाधिकारी अनिता आर्य, संयुक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीश लाल, एसटीएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार जोशी, डॉ. बीडी जोशी आदि मौजूद रहे।
