विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुमाऊं को इस बार सताएगी तेज गर्मी, मार्च से मई तक बढ़ा रहेगा तापमान Nainital News

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 29 Feb 2020 02:41 PM (IST)

रिकॉर्ड बारिश व कड़ाके की ठंड के बाद इस बार ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ेगा। कुमाऊं के तराई-भाबर समेत पूरे उत्तराखंड में इस साल मार्च से मई के बीच तापमान एक डिग्री तक अधिक रहेगा।

कुमाऊं को इस बार सताएगी तेज गर्मी, मार्च से मई तक बढ़ा रहेगा तापमान Nainital News
कुमाऊं को इस बार सताएगी तेज गर्मी, मार्च से मई तक बढ़ा रहेगा तापमान Nainital News

हल्द्वानी, जेएनएन : रिकॉर्ड बारिश व कड़ाके की ठंड झेलने के बाद इस बार ज्यादा गर्मी का भी सामना करना पड़ेगा। कुमाऊं के तराई-भाबर समेत पूरे उत्तराखंड में इस साल मार्च से मई के बीच का औसत तापमान सामान्य से आधे से एक डिग्री तक अधिक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ग्रीष्मकालीन मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए इसका खुलासा किया है। इसमें बताया गया है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान के औसत और अधिकतम तापमान में सामान्य से 1 डिग्री या उससे ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है।

 

तराई-भाबर अधिक तपेगा

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक उत्तराखंड में इस साल कुमाऊं का तराई-भाबर व देहरादून रीजन सबसे ज्यादा तपेंगे। पंतनगर, रुद्रपुर, काशीपुर इलाकों में तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री तक ज्यादा रहेगा। हल्द्वानी व अन्य इलाकों में तापमान एक डिग्री तक ज्यादा रहेगा। पिछले साल जून में तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया था।

लू करेगी बेहाल

गर्मी में लू बेहाल कर सकती है। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि इस बार देश के कोर हीट-वेव जोन में लू अधिक चलने का पूर्वानुमान है। इसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब समेत उत्तर व मध्य भारत के 18 राज्य शामिल हैं।

ईएनएसओ कंडीशन है वजह

इस साल सीजन की शुरुआत में ही अधिक गर्मी का कारण प्रशांत महासागर में भूमध्य रेखा की ओर गर्म ईएनएसओ (अलनीनो सदर्न ओस्लिएशन) न्यूट्रल कंडीशन हैं, जो अप्रैल-मई में अपने पीक पर होगी। बाद में यह कमजोर पडऩे लगेगी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड का सैटेलाइट मैप बनाएगा सर्वे ऑफ इंडिया, एक क्लिक में मिलेगी जानकारी

यह भी पढ़ें : उत्‍तराखंड में किसानों को अपनी उपज बिचौलियो को बेचने से मिली निजात