Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड के जंगलों में बाघों की संख्या बढ़ी, कैमरा ट्रैप से मिले मजबूत संकेत

    Updated: Fri, 06 Feb 2026 01:14 PM (GMT+05:30)

    अखिल भारतीय बाघ गणना के कैमरा ट्रैप में कैद तस्वीरों से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर और तराई पश्चिमी वन प्रभाग में बाघों की संख्या में अच्छी वृद्धि के ...और पढ़ें

    कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर वन प्रभाग व तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जंगल में लगाए गए हैं 1982 स्वचालित कैमरा ट्रेप. File Photo

    कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर वन प्रभाग व तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जंगल में लगाए गए हैं 1982 स्वचालित कैमरा ट्रेप. File Photo

    HighLights

    1. कैमरा ट्रैप में बाघों की सक्रियता से संख्या वृद्धि के संकेत

    2. कॉर्बेट, रामनगर, तराई पश्चिमी वन प्रभाग में 1982 कैमरे लगे

    3. 2026 की बाघ गणना रिपोर्ट में सुखद आंकड़े अपेक्षित

    जागरण संवाददाता, रामनगर । अखिल भारतीय बाघ गणना के लिए लगाए गए कैमरा ट्रेप में बाघों की सक्रियता हर कैमरे में कैद हो रही, उनकी तस्वीरों ने क्षेत्र में बाघों की संख्या में अच्छी वृद्धि के संकेत हैं।

    राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से हर चार साल में फेज 4 की अखिल भारतीय बाघ गणना कराई जाती है। इसमें तकनीक का प्रयोग करने के साथ ही बाघों की तस्वीर खींचने के लिए जंगल में स्वचालित कैमरे लगाए गए हैं। बाघ की तस्वीरें कैद करने के लिए जंगलों में लगातार 30 से 35 दिन तक कैमरे लगे रहते हैं। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला के निर्देश पर रामनगर वाले क्षेत्र में 550 ग्रिड बनाए गए हैं। जिसमें 11 सौ कैमरे लगाए लगाए गए हैं।

    यह कैमरे रामनगर के क्षेत्र से निकालकर अब कालागढ़ टाइगर रिजर्व में लगाए जाएंगे। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि जंगल के अंतर्गत 260 ग्रिड में 520 कैमरे लगाए गए हैं। यहां से भी अब कैमरे निकाले जा रहे हैं। रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला के मुताबिक जंगल में 181 ग्रिड बनाई गई हैं। जिनमें 362 कैमरे लगाए गए हैं।

    वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक जंगलों में जितने भी कैमरे लगाए गए हैं, अमूमन उन सभी में बाघों की अच्छी खासी तस्वीरें कैद होने की बात कही जा रही है। बीते माह मानव वन्य जीव संघर्ष के दौरान भी कैमरे चेक करने पर विभाग को उनमें कई बाघों की तस्वीरें मिली थी। इससे साफ है कि बाघों की अच्छी संख्या बढ़ने जा रही है। वर्ष 2026 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के जो आंकड़े आएंगे वह वन विभाग व सरकार के लिए सुखद होंगे।

    • जंगल - बाघ
    • कार्बेट टाइगर रिजर्व -260
    • रामनगर वन प्रभाग -063
    • तराई पश्चिमी वन प्रभाग -053

    नोट: यह आंकड़े 2022 की गणना के अनुसार है।

    हर चार साल में अखिल भारतीय स्तर पर जंगलों में कैमरा लगाए जाते है। इन दिनों कैमरा ट्रेपिंग कार्बेट लैंडस्केप में चल रही है। कार्य पूरा होने के बाद कैमरे के डाटा की रिपोर्ट बनाकर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को भेजी जाएगी। --साकेत बडोला, निदेशक सीटीआर व वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी

    खबरें और भी