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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाई कोर्ट का अहम आदेश, अब अपनी बार एसोसिएशन के खिलाफ केस कर सकते हैं अधिवक्ता nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 08 Dec 2019 10:00 AM (IST)

हाई कोर्ट ने बार एसोसिएशन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। कोर्ट ने आदेश पारित करते हुए व्यवस्था दी कि कोई भी सदस्य अपनी बार एसोसिएशन के खिलाफ केस दायर कर सकता है।

हाई कोर्ट का अहम आदेश, अब अपनी बार एसोसिएशन के खिलाफ केस कर सकते हैं अधिवक्ता nainital news
हाई कोर्ट का अहम आदेश, अब अपनी बार एसोसिएशन के खिलाफ केस कर सकते हैं अधिवक्ता nainital news

नैनीताल, जेएनएन : हाई कोर्ट ने बार एसोसिएशन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। कोर्ट ने आदेश पारित करते हुए व्यवस्था दी कि कोई भी सदस्य अपनी बार एसोसिएशन के खिलाफ केस दायर कर सकता है। अब तक बार एसोसिएशन के सदस्य को अपनी बार के खिलाफ  केस दायर करने का अधिकार नहीं था। कोर्ट ने काशीपुर बार एसोसिएशन से निष्कासित अमरीश कुमार अग्रवाल की सदस्यता तत्काल प्रभाव से बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

काशीपुर बार एसो. सदस्य के बर्खास्तगी का था मामला

शनिवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में काशीपुर बार एसोसिएशन के निष्कासित सदस्य अमरीश कुमार अग्रवाल की विशेष अपील पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया था कि वह काशीपुर बार एसोसिएशन के सदस्य थे, लेकिन एसोसिएशन ने उनकी सदस्यता निरस्त कर दी। अग्रवाल के अनुसार बार एसोसिएशन ने उन पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा एसोसिएशन की मर्यादा से बाहर जाकर कार्य किया गया, इसलिए उनकी सदस्यता निरस्त की गई। अग्रवाल ने याचिका दायर कर सदस्यता निरस्त करने संबंधी आदेश को चुनौती दी तो हाई कोर्ट की एकलपीठ ने इस आधार पर याचिका को निरस्त कर दिया कि वह अपनी बार के खिलाफ  मुकदमा दायर नहीं कर सकते हैं। एकलपीठ के आदेश को अग्रवाल द्वारा विशेष अपील दायर कर चुनौती दी। खंडपीठ ने मामले में फैसला देते हुए उनकी सदस्यता को बहाल करने के साथ ही व्यवस्था दी कि कोई भी सदस्य अपनी बार के खिलाफ  केस दायर कर सकता है।

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