यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनएच 74 घोटाला मामले में एसडीएम, नायब तहसीलदार व बिचौलिये को जमानत
हाई कोर्ट ने एनएच-74 घोटाला मामले में जेल में बंद आरोपित एसडीएम अनिल शुक्ला, नायब तहसीलदार मोहन सिंह, स्टांप वेंडर एवं घोटाले में बिचौलिया जीशान की जमानत मंजूर कर ली है।

नैनीताल, जेएनएन : हाई कोर्ट ने बहुचर्चित बाजपुर-सितारगंज हाईवे (एनएच-74) घोटाला मामले में जेल में बंद आरोपित एसडीएम अनिल शुक्ला, नायब तहसीलदार मोहन सिंह, स्टांप वेंडर एवं घोटाले में बिचौलिया जीशान की जमानत मंजूर कर ली है, जबकि डीपी सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई फरवरी में होगी।
दस मार्च 2017 को ऊधमसिंह नगर के एडीएम प्रताप शाह ने पंतनगर थाने में तहरीर दी थी, जिसके आधार पर घोटाले के मुख्य आरोपित तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अधिकारियों ने मुआवजा निर्धारण में वित्तीय अनियमितता करने के साथ ही सरकार को करोड़ों की राजस्व हानि कराई। अकृषि प्रयोजन की भूमि के एवज में मुआवजा आठ से दस गुना अधिक निर्धारण किया गया। इस मामले में अब तक करीब दो दर्जन अफसर-कर्मचारी व किसान जेल में बंद हैं। सोमवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने इस घोटाले में आरोपित एसडीएम अनिल शुक्ला समेत नायब तहसीलदार मोहन सिंह व बिचौलिये जीशान की जमानत मंजूर कर ली, जबकि मुख्य आरोपित डीपी सिंह, बिल्डर प्रिया शर्मा व सुधीर चावला समेत अन्य आरोपितों की जमानत अर्जी पर सुनवाई 11 फरवरी नियत की है।

