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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बॉर्डर के सीमांकन के लिए 17 जनवरी को टनकपुर में जुटेंगे भारत-नेपाल के अधिकारी nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Thu, 09 Jan 2020 08:14 AM (IST)

भारत-नेपाल बॉर्डर के सीमांकन के लिए 17 जनवरी को दोनों देशों के अधिकारी टनकपुर में जुटेंगे। सर्वे ऑफ इंडिया व सर्वे ऑफ नेपाल के कैंप ऑफिस बनने के बाद होनी है बैठक।

बॉर्डर के सीमांकन के लिए 17 जनवरी को टनकपुर में जुटेंगे भारत-नेपाल के अधिकारी nainital news
बॉर्डर के सीमांकन के लिए 17 जनवरी को टनकपुर में जुटेंगे भारत-नेपाल के अधिकारी nainital news

चम्पावत, जेएनएन : भारत-नेपाल बॉर्डर के सीमांकन के लिए 17 जनवरी को दोनों देशों के अधिकारी टनकपुर में जुटेंगे। सर्वे ऑफ इंडिया व सर्वे ऑफ नेपाल के कैंप ऑफिस बनने के बाद होने वाली इस अहम बैठक के लिए चम्पावत डीएम ने उत्तर प्रदेश के अन्य तीन जिलों के डीएम व एसपी के साथ सिंचाई विभाग, एसएसबी, एनएचपीसी के अधिकारियों को बैठक के लिए पत्र लिखा है। नेपाल के कंचनपुर व कैलाली जिले के सीडीओ व एसपी को भी बुलाया गया है। बैठक में एफएसटी गठन के साथ टीम की सुरक्षा पर भी चर्चा की जाएगी। इस दौरान सर्वे की तिथि भी तय की जाएगी। 

बॉर्डर पर क्षतिग्रस्‍त हो गए है पिलर

भारत-नेपाल बॉर्डर पर लगे अधिकतर पिलर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस कारण सीमा क्षेत्र का सही आकलन नहीं हो पा रहा है। इस जटिल मसले को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों की कई बार बैठक भी हो चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हो सका। यह स्थिति चम्पावत के साथ ही ऊधमसिंह नगर, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर व महराजगंज में भी है। सीमा का सही आकलन करने के लिए दोनों देशों के अधिकारी चरणबद्ध तरीके से सर्वे कर रहे हैं। इसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से चम्पावत के बीच पिलर नंबर 700 से 850 तक सर्वे किया जाना है।

एसएसबी कराएगी पिलर का निर्माण

सर्वे के दौरान पिलरों का निर्माण एसएसबी कराएगी। इसके लिए सरकार ने लखनऊ व रानीखेत एसएसबी को फ्रंट एरिया निर्धारित किया है। इस सर्वे क्षेत्र में रानीखेत एसएसबी बजट देगी।

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