विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए 10 बेड से बड़े अस्पतालों के लिए ईटीपी लगाना अनिवार्य nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 25 Jan 2020 05:02 PM (IST)

10 बेड से अधिक सभी अस्पतालों में ईटीपी (ईफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) अनिवार्य रूप से लगाना होगा। इसमें किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।

मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए 10 बेड से बड़े अस्पतालों के लिए ईटीपी लगाना अनिवार्य nainital news
मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए 10 बेड से बड़े अस्पतालों के लिए ईटीपी लगाना अनिवार्य nainital news

हल्द्वानी, जेएनएन : नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद के उपाध्यक्ष प्रकाश हर्बोला ने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली संस्था ग्लोबल की मनमानी चल रही है। इसके लिए हल्द्वानी में नया प्लांट लगाया जाएगा। इसके साथ ही 10 बेड से अधिक सभी अस्पतालों में ईटीपी (ईफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) अनिवार्य रूप से लगाना होगा। इसमें किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।

रामपुर रोड स्थित एक रेस्तरां में स्वास्थ्य विभाग, पीसीबी व आइएमए की बैठक लेते हुए दर्जा राज्य मंत्री हर्बोला ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का कर्तव्य है। अस्पतालों से निकलने वाला बायोमेडिकल वेस्ट सबसे बड़ी समस्या बन रहा है। इसके सही निस्तारण के लिए ईटीपी लगाना ही होगा। इसके लिए निर्धारित 31 दिसंबर 2019 की समयसीमा समाप्त हो गई है। आइएमए के पदाधिकारियों ने प्लांट लगाए जाने की बात कही। इसके साथ ही आइएमए पदाधिकारियों ने क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीईए) के रजिस्ट्रेशन में होने वाली दिक्कतें से अवगत कराया।

हर्बोला ने कहा कि ऊधमसिंह नगर व देहरादून में डीएम ने अपने स्तर से गजट बनने तक अनुमति दे दी है। यहां भी डीएम को पहल करनी होगी। अगर किसी तरह की दिक्कत होगी तो मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। इस दौरान सीएमओ डॉ. भारती राणा ने कहा कि सीईए के रजिस्ट्रेशन किसी भी तरह की दिक्कत आने पर सहयोग किया जाएगा। पीसीबी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरके चतुर्वेदी, आइएमए अध्यक्ष डॉ. अजय पांडे, महासचिव डॉ. पुनीत अग्रवाल, डॉ. नीलांबर भट्ट, डॉ. जेएस खुराना, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. मोहन सती, डॉ. जेएस भंडारी, डॉ. देवाशीष गुप्ता, डॉ. आरए केडिया, डॉ. शिबा मलिक आदि शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : गुणवत्ता मानकों में पूरे प्रदेश में फिट निकला रुद्रपुर का जिला अस्पताल