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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाबा जागनाथ की नगरी में आकार लेंगी झीलें, जटागंगा की अविरलता को बनेंगे चेकडैम nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Mon, 30 Dec 2019 09:06 AM (IST)

बाबा जागनाथ की नगरी जागेश्वर में पर्यटन विकास को छोटी-छोटी झीलें आकार लेंगी। वहीं जटागंगा की अविरलता बनी रहे इसके लिए जगह-जगह चेकडैम भी बनाए जाएंगे।

बाबा जागनाथ की नगरी में आकार लेंगी झीलें, जटागंगा की अविरलता को बनेंगे चेकडैम nainital news
बाबा जागनाथ की नगरी में आकार लेंगी झीलें, जटागंगा की अविरलता को बनेंगे चेकडैम nainital news

अल्मोड़ा, जेएनएन : बाबा जागनाथ की नगरी जागेश्वर में पर्यटन विकास को छोटी-छोटी झीलें आकार लेंगी। वहीं जटागंगा की अविरलता बनी रहे, इसके लिए जगह-जगह चेकडैम भी बनाए जाएंगे। पवित्र नदी की निर्मलता के लिए जागेश्वर धाम में अतिशीघ्र सीवर लाइन की व्यवस्था भी होगी। डीएम नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जागेश्वर प्रबंधन समिति की कैंप कार्यालय में बैठक हुई। डीएम ने ईई सिंचाई केडी भट्ट को निर्देश दिए कि जागेश्वर धाम के सुंदरीकरण तथा जटागंगा के पानी के बहाव को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त चेकडैम का निर्माण करें। साथ ही छोटी छोटी झीलों को मूर्तरूप देने के लिए जल्द कार्ययोजना बनाने को कहा। पवित्र जटा गंगा की निर्मलता एवं अविरलता के मद्देनजर सीवर लाइन व्यवस्था पर भी खास जोर दिया। उन्होंने धार्मिक पर्यटकों की सुविधा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। डीएम ने सदस्यों से कहा कि मंदिर समिति की आय में वृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।

हरित शवदाह प्रणाली जल्द

डीएम ने कहा, जागेश्वर धाम मंदिर समूह के पास श्मशान घाट का आधुनिकीकरण जल्द किया जाना है। इसके तहत हरित शवदाह प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा। इससे शवदाह बाद अधजली लकडिय़ों का निस्तारण आसानी से किया जा सकेगा।

झांकरसैम से देंगे गोसंरक्षण का संदेश

जागेश्वर धाम से कुछ दूर ऐतिहासिक झांकर सैम में गोशाला का निर्माण किया जाएगा। इससे आसपास के ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़ दुग्ध व्यवसाय को आर्थिकी का आधार बनाया जा सकेगा। वहीं दुग्ध उत्पाद बाजार तक पहुंचा स्वरोजगार के साथ गोसंरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर प्रबंधक मंदिर समिति भगवान चंद्र भट्ट, उपाध्यक्ष गोविंद गोपाल, पुजारी प्रतिनिधि भगवान चंद्र भट्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी जगमोहन सोनी, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी, सतीश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

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