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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने डेंगू काे लेकर सरकार को चेताया, बोलीं करूंगी उपवास NAINITAL NEWS

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Wed, 18 Sep 2019 08:36 AM (IST)

प्रदेश में तेजी से फैल रहे डेंगू बुखार को लेकर एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने डेंगू काे लेकर सरकार को चेताया, बोलीं करूंगी उपवास NAINITAL NEWS
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने डेंगू काे लेकर सरकार को चेताया, बोलीं करूंगी उपवास NAINITAL NEWS

हल्द्वानी, जेएनएन : प्रदेश में तेजी से फैल रहे डेंगू बुखार को लेकर एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार आपात जैसी स्थिति को नियंत्रित नहीं कर सकी तो 30 सितंबर को कांग्रेस नेताओं के साथ मैं देहरादून में उपवास रखूंगी।

मंगलवार को नैनीताल रोड स्थित अपने आवास पर नेता प्रतिपक्ष ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार ने डेंगू से बचने के लिए व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार तक नहीं किया। हालात यह हैं कि अब तक उत्तराखंड मे 3016 लोग डेंगू से प्रभावित हो चुके हैं। सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज देहरादून में हैं। इनकी संख्या 1866 बताई गई है। इसके बाद बड़ी संख्या नैनीताल जिले में है। पुलिस कर्मियों से लेकर डॉक्टर भी डेंगू से प्रभावित हैं। नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि इस आपात स्थिति को समझते हुए रोकथाम की उचित कोशिश की जानी चाहिए। मुफ्त इलाज दिया जाना चाहिए। वैसे भी यह सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संवेदनहीन है। अस्पतालों में बेड से लेकर डॉक्टरों की कमी है। दवाइयां नहीं हैं। सरकार इस संबंध में तत्काल कदम उठाए। सीएम के कांग्रेस को ही डेंगू होने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के मुखिया को सोच-समझकर बयान देना चाहिए।

एनआरसी के बयान से देवभूमि में असुरक्षा की भावना

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में एनआरसी लागू करने का बयान दिया है। जब भाजपा सरकार असम में ही एनआरसी लागू नहीं कर सकी तो यहां कैसे करेगी? इस बयान से देवभूमि में असुरक्षा की भावना पनप गई है। सरकार को एनआरसी को सोच-समझकर ही लागू करना चाहिए। उन्होंने एससी-एसटी व पिछड़े वर्ग के आरक्षण के बारे में भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। कहा कि आरक्षण को लेकर स्थापित नियम होने के बावजूद बार-बार नियम बदलने की क्या जरूरत है।

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