नैनीताल के मोरा गांव में पिंजरे में फंसा गुलदार, आदमखोर होने की होगी जांच
नैनीताल के मोरा गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक गुलदार पकड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ...और पढ़ें

HighLights
मोरा गांव में वन विभाग ने गुलदार को पिंजरे में पकड़ा।
पकड़े गए गुलदार को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर ले जाया जाएगा।
डीएनए जांच से आदमखोर होने या निर्दोष होने की पुष्टि होगी।
जागरण संवाददाता, नैनीताल। शहर के मनोर रेंज स्थित मोरा गांव में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजड़े में एक गुलदार कैद हुआ है। इसके बाद विभाग ने राहत की सांस ली है।
ग्रामीणों की सूचना के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई है। जहां से पकड़े गए गुलदार को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर लाया जाएगा। गुलदार के डीएनए नमूने की जांच के बाद ही उसके आदमखोर होने की पुष्टि होगी।
बता दें कि नैनीताल वन विभाग मानव- वन्य जीव संघर्ष को लेकर संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है। बीते दिनों मनोर रेंज के ज्योली गांव में एक महिला को वन्य जीव ने निवाला बना लिया था। वहीं बीते शुक्रवार को रामनगर वन प्रभाग के भदयूनी गांव में एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक जिसके पीछे वन्य जीव हमले की पुष्टि कर चुके हैं। क्षेत्र में गुलदार और बाघ आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीम ने भदयूनी और मोरा गांव में पिजड़ा लगाया था। सोमवार रात पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया। सुबह ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
मनोरा रेंजर नितिन पंत ने बताया कि विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई है। पकड़े गए गुलदार को फिलहाल रानीबाग रेस्क्यू सेंटर लाया जाएगा। भदयूनी क्षेत्र में बीते दिनों युवक की मौत के बाद घटनास्थल पर गुलदार की आवाजाही देखी गई थी।
पकड़ा गया गुलदार ही हमलावर है, इसकी पुष्टि को लेकर रामनगर पर प्रभाग के कर्मचारी गुलदार से सैंपल एकत्रित कर जांच को भेजेंगे। इसके बाद ही उसके आदमखोर होने अथवा निर्दोष होने की पुष्टि होगी।