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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नैनीताल की आबोहवा भी होने लगी जहरीली, वायु प्रदूषण का स्तर दोगुना; बढ़ती गर्मी से मौसम विज्ञानी भी हैरान

    By kishore joshiEdited By: Nirmala Bohra
    Updated: Sat, 20 May 2023 11:53 AM (IST)

    Air pollution in Nainital सरोवर नगरी में वायु प्रदूषण का स्तर दोगुना जा पहुंचा है। वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते वायु प्रदूषण में वृद्धि लाजिमी है। व ...और पढ़ें

    Air pollution in Nainital: सरोवर नगरी में वायु प्रदूषण का स्तर दोगुना जा पहुंचा है।
    Air pollution in Nainital: सरोवर नगरी में वायु प्रदूषण का स्तर दोगुना जा पहुंचा है।

    जागरण संवाददाता, नैनीताल : Air pollution in Nainital: सरोवर नगरी में वायु प्रदूषण का स्तर दोगुना जा पहुंचा है। यहां वातावरण में ब्लैक कार्बन की मात्रा दो हजार नैनोग्राम और ओजोन थ्री की मात्रा 90 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई है। इसके चलते आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण में और अधिक वृद्धि होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

    बढ़ती गर्मी की तपिश से मौसम विज्ञानी भी हैरान

    शहर में बढ़ती गर्मी की तपिश से मौसम विज्ञानी भी हैरान हैं। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वायु मंडलीय विज्ञानी डा. मनीष नाजा ने बताया कि ग्रीष्मकाल में वायु प्रदूषण में वृद्धि हर साल होती है। इस वर्ष भी निरंतर बढ़ोत्तरी दर्ज की का जा रही है, जो सामान्य से अधिक जा पहुंची है।

    वायु प्रदूषण में वृद्धि

    वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते वायु प्रदूषण में वृद्धि लाजिमी है। इस वर्ष दावानल की घटनाएं कम होने के कारण प्रदूषण का स्तर गत वर्षों की तुलना में कम है, जबकि अप्रैल व मई के महीने लगातार वर्षा के चलते प्रदूषण में अधिक वृद्धि नहीं हुई।

    ब्लैक कार्बन की मात्रा 15 सौ से दो हजार नैनोग्राम के बीच

    बताया जा रहा है वातावरण में ब्लैक कार्बन की मात्रा सामान्यतया लगभग सात-आठ सौ नैनो ग्राम होती है, जो इस बार 15 सौ से दो हजार नैनोग्राम के बीच पहुंच गई है। पिछले कुछ साल ऐसे भी रहे हैं, जब इसकी मात्रा तीन हजार नैनो ग्राम तक पहुंच गई थी।

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    इसी तरह सामान्यतया ओजोन की मात्रा 40 से 50 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहती है। इसकी तुलना में वर्तमान में यह लगभग दोगुनी पहुंच गई है। कहा जा रहा है वायु प्रदूषण के बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ेंगी।