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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NEW YEAR 2020 : नए साल में बाढ़ से मिलेगी मुक्ति, पर्यटन केंद्र बनेगा गौला बैराज

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 31 Dec 2019 09:30 PM (IST)

खनस्यू बाढ़ सुरक्षा योजना को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल कर लिया गया है। सिंचाई विभाग ने 2.26 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।

NEW YEAR 2020 : नए साल में बाढ़ से मिलेगी मुक्ति, पर्यटन केंद्र बनेगा गौला बैराज
NEW YEAR 2020 : नए साल में बाढ़ से मिलेगी मुक्ति, पर्यटन केंद्र बनेगा गौला बैराज

हल्द्वानी, जेएनएन : ओखलकांडा ब्लॉक के खनस्यू गांव के लिए नया साल खुशखबरी लाएगा। खनस्यू बाढ़ सुरक्षा योजना को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल कर लिया गया है। सिंचाई विभाग ने 2.26 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। बजट आवंटन के साथ ही महकमा बाढ़ सुरक्षा के कामों को शुरू कर देगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तरुण बंसल ने बताया कि गौला के उफान पर आने पर खनस्यू गांव की जमीन को काफी नुकसान पहुंचता है। हर साल जमीन ग्रामीणों व गांव की जमीन काटकर गौला में समा जाती है। जमीन का कटान रोकने के लिए पूर्व में नाबार्ड को खनस्यूं बाढ़ सुरक्षा योजना का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, जिसे स्वीकृति नहीं मिली। अब इस योजना को मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल किया गया है। जिससे प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति के साथ ही बजट आवंटन की उम्मीद जगी है। बजट मिलते ही खनस्यूं में दीवार, वायरक्रेट व ब्लॉग आदि निर्माण शुरू कराए जाएंगे।

पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित होगा गौला बैराज

हल्द्वानी : गौला बैराज का 60 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही बैराज को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिशासी अभियंता सिंचाई तरुण बंसल ने बताया कि बैराज के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव को भी मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया है। बजट आवंटन होने से बैराज में पार्क निर्माण, फव्वारे, बैंच-कुर्सी व झूले लगाए जाएंगे। जिससे यहां पर्यटक पहुंचे और लुत्फ ले सकें।

नहरों में गंदगी डालने पर कैनाल एक्ट के तहत कार्रवाई

हल्द्वानी : अधिशासी अभियंता ने लोगों से नहरों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने और अतिक्रमण न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई बार चेतावनी के बावजूद लोग घरों की गंदगी नहरों में डाल रहे हैं। इससे नहरें चोक होने के साथ ही खेती पर असर पड़ रहा है। ईई ने बताया कि नए साल से अभियान चलाकर नहरों को दूषित करने वालों की धरपकड़ कर कैनाल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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