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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनजीटी का आदेश, मार्च तक 20 कमरे से अधिक वाले होटलों को बनाना होगा एसटीपी NAINITAL NEWS

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Updated: Sun, 01 Sep 2019 07:21 PM (IST)

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के अनुसार मार्च 2020 तक नैनीताल समेत प्रदेश के सभी होटलों में एसटीपी बनाना जरूरी है।

एनजीटी का आदेश, मार्च तक 20 कमरे से अधिक वाले होटलों को बनाना होगा एसटीपी NAINITAL NEWS
एनजीटी का आदेश, मार्च तक 20 कमरे से अधिक वाले होटलों को बनाना होगा एसटीपी NAINITAL NEWS

किशोर जोशी, नैनीताल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के अनुसार, मार्च 2020 तक नैनीताल समेत पूरे प्रदेश में 20 कमरों से अधिक के होटल-गेस्ट हाउस को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना होगा। नैनीताल की माल रोड पर ब्रिटिशकालीन भवनों में भी होटल हैं, ऐसे में इस आदेश की मियाद नजदीक आने से होटल व्यवसायियों की चिंता बढ़ती जा रही है। हालांकि उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन नगर निकाय क्षेत्रों में अलग से एसटीपी के बजाय पुराने एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल में डेढ़ सौ से अधिक पंजीकृत होटल हैं। इसमें से करीब 80 फीसद 20 कमरे से अधिक वाले हैं। माल रोड के अधिकांश होटल इसी दायरे में शामिल हैं। यदि इन होटलों में एसटीपी बना तो होटलों की सूरत बिगड़नी तय है। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ के अनुसार, 20 या इससे अधिक कमरों वाले प्रत्येक होटल में एसटीपी बनाना जरूरी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि होटल-गेस्ट हाउसों का पंजीकरण व रिन्यूअल अब तभी होगा जब चीफ फायर अफसर की ओर से जारी एनओसी जमा होगी।

नैनीताल के एक होटल में एसटीपी नैनीताल 
शहर में भले ही होटल-गेस्ट हाउस की संख्या करीब पांच सौ पहुंच गई हो, मगर सिर्फ एक होटल में ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। यहां उल्लेखनीय है कि शहर में सीवर लाइनों के आए दिन ओवरफ्लो होने के मामले सामने आते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि जिन शहरों में सीवर लाइन हैं, वहां अलग से ट्रीटमेंट प्लांट की जरूरत नहीं है। नैनीताल में प्रत्येक होटल का सीवरेज कनेक्शन है। सर्वोच्च अदालत ने तीन साल का समय दिया है, जो अगले साल पूरा हो रहा है। प्रवीण शर्मा, पूर्व संयुक्त सचिव ऑल इंडिया होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि नैनीताल में रूसी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ानी चाहिए। दस हजार वर्ग मीटर वाले शिक्षण संस्थान, कार्यालय, धर्मशाला व अन्य भवनों में भी एसटीपी बनाने के निर्देश हैं। प्रशासन से इस मामले में वार्ता की जाएगी। सविन बंसल, डीएम नैनीताल ने बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुपालन किया जाएगा। जल्द होटलों में सर्वे किया जाएगा। रूसी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।

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