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भारी बारिश के चलते उफान पर आई गौला, डेढ़ एकड़ से ज्यादा चिड़ियाघर की जमीन नदी में समाई

Published: Thu, 03 Sep 2026 04:47 PM (IST)

भारी बारिश के कारण गौला नदी में आई बाढ़ से गौलापार चिड़ियाघर की डेढ़ एकड़ से अधिक जमीन बह गई है, जिससे दर्जनों पेड़ भी चपेट में आ गए।

भारी बरसात के चलते हल्द्वानी गौला पुल के पास गौलापार चिड़ियाघर की ओर हुआ भूकटाव। जागरण

भारी बरसात के चलते हल्द्वानी गौला पुल के पास गौलापार चिड़ियाघर की ओर हुआ भूकटाव। जागरण

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। भारी बारिश के चलते उफान पर आई गौला नदी ने गौलापार चिड़ियाघर की जमीन को काफी नुकसान पहुंचाया है। दो दिन में डेढ़ एकड़ से ज्यादा जमीन नदी में समा गई है। साथ ही शीशम, खैर समेत अन्य प्रजाति के छोटे-बड़े दर्जनों पेड़ भी इसकी चपेट में आ गए हैं।

दरअसल, गौला नदी में नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) की ओर से पहले फेज में चैक डैम बनाए गए, लेकिन ये पूरी नदी पर नहीं बन सके। ऐसे में ये अधूरे चेक डैम पानी को गौलापार चिड़ियाघर की जमीन को ओर डायवर्ट कर रहे हैं। इस कारण मंगलवार और बुधवार को कुल 80 मीटर से ज्यादा चौड़ा और लगभग 150 मीटर लंबा पैच बह गया है।

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चेक डैम का शेष काम शुरू नहीं होे पाने को लेकर एनएचएआइ का कहना है कि वन विभाग की ओर से दूसरे फेज का काम करने के लिए स्वीकृति नहीं दी गई। वहीं वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो एनएचएआइ की ओर से इस संबंध में स्वीकृति मांगी ही नहीं गई, जबकि उन्होंने चैक डैम बनवाने के लिए 190 पेड़ भी चिह्नित कर लिए थे।

उनका कहना है कि एनएचएआइ को डीएम की अध्यक्षता में होने वाली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में कार्य की अनुमति लेनी होती, लेकिन इस तरह की कोई बैठक नहीं कराई गई। इस संबंध में तराई पूर्वी डिवीजन के डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि गौला के तेज बहाव से चिड़ियाघर की जमीन बही है। इसके लिए सुरक्षात्मक उपाय किए जाएंगे।