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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कंट्रोल रूम में फोन कर, कोई घर पहुंचने का उपाय पूछ रहा तो कोई संदिग्‍धों की जानकारी दे रहा

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Wed, 01 Apr 2020 04:25 PM (IST)

कोरोना कंट्रोल रूम में सुबह से शाम तक फोन की घंटी बजती रहती है। किसी को घर जाने की प्रक्रिया पूछनी है तो कोई संदिग्धों की जानकारी देकर सुरक्षित महसूस कर रहा है।

कंट्रोल रूम में फोन कर, कोई घर पहुंचने का उपाय पूछ रहा तो कोई संदिग्‍धों की जानकारी दे रहा
कंट्रोल रूम में फोन कर, कोई घर पहुंचने का उपाय पूछ रहा तो कोई संदिग्‍धों की जानकारी दे रहा

हल्द्वानी, जेएनएन : हल्‍द्वानी स्टेडियम वाली गली में बनाए गए कोरोना कंट्रोल रूम में सुबह से शाम तक फोन की घंटी बजती रहती है। किसी को घर जाने की प्रक्रिया पूछनी है तो कोई संदिग्धों की जानकारी देकर सुरक्षित महसूस कर रहा है। एक ने रामनगर में मां के अकेले होने की वजह से देखभाल के लिए जाने की परमिशन मांगी। जिसके बाद फोन करने वाले को सीओ का नंबर दिया गया। हर किसी की समस्या सुनने के बाद समाधान बताया जा रहा है।

बदरीपुरा में बने कंट्रोल रूम में अलग-अलग शिफ्ट में स्टाफ की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। 05946-281234 पर आने-वाली हर कॉल को रिसीव कर फोन करने वाले का नाम, नंबर, पता, समस्या और समाधान भी नोट किया जाता है। 25 से 30 मार्च के बीच 344 लोग फोन कर चुके हैं। जिसमें से 284 की समस्या दर्ज कर हल भी की गई। बाकी कॉल सामान्य पूछताछ से जुड़ी थी। फोन करने वाले अधिकांश लोग ट्रेवल पास जारी करने, संदिग्ध की जांच करवाने की बात ही कर रहे हैं। इसके बाद उस विभाग के अधिकारी का नंबर दिया जाता है जिससे जुड़ा मामला होगा। फीडबैक भी लिया जाता है। वहीं, एसएसपी के पीआरओ प्रमोद पाठक ने बताया कि हल्द्वानी में लोकल परमिशन कैम्प कार्यालय से भी दी जा रही है। हालांकि, केवल मेडिकल कारण और राशन की छोटे वाहनों से शहर में ही डिलीवरी की अनुमति यहाँ से मिल सकेगी।

 

कंट्रोल रूम में आने वाली सूचना

  • बगल में रहने वाले दो किरायेदार को सर्दी-जुकाम है।
  • खाने की व्यवस्था हो जाएगी।
  • बीवी को प्रसव होने वाला है पहाड़ जाने की अनुमति चाहिए।
  • चार लोग पंजाब से आए हैं इनकी स्कीनिंग नहीं हुई।
  • 70-80 लोगों के खाने की व्यवस्था करनी है।
  • गांव में सेनिटाइजर का छिड़काव नहीं हुआ।
  • बरेली से आने के बावजूद अस्पताल में नहीं देखा गया।
  • मुक्तेश्वर के एक रिजॉर्ट में बाहरी लोग रुके है।
  • लक्षण नहीं है मगर कोरोना की जांच करानी है।

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