यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमपात के कारण पिंडर और सरयू घाटी का बागेश्वर जिला मुख्यालय से संपर्क कटा nainital news
पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ रहा है। ङ्क्षपडर और सरयू घाटी समेत जिले के उच्च हिमालय से सटे गांव बर्फ से अट गए हैं।

बागेश्वर, जेएनएन : पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ रहा है। ङ्क्षपडर और सरयू घाटी समेत जिले के उच्च हिमालय से सटे गांव बर्फ से कट गए हैं। एक दर्जन से अधिक सड़कें आवागमन के लिए बंद हो गई हैं। रास्ते, बिजली, पानी, संचार आदि व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। लोग प्रकृति की मार से परेशान हैं और ठिठुर रहे हैं।
उच्च हिमालय से सटे इन गांवों में हिमपात
जिले के उच्च हिमालय से सटे गांव लीती, विनायक, धूर, महरुड़ी, सिमगड़ी, धरमघर, कांडा, सौंग, मुनार, पतियासार, बदियाकोट, गिरेछीना, शामा, जांतोली, खाती, समडर, झूनी, खल्झूनी, कर्मी, रिखाड़ी, जैन-करास, कौसानी क्षेत्र आदि स्थानों पर हिमपात हुआ है। इससे गांवों की मूलभूत सुविधाएं पटरी से उतर गईं हैं। ठंड बढऩे से लोग परेशान हो गए हैं और अलाव आदि जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
आधा फीट हिमपात
धरमघर क्षेत्र में मौसम का दूसरा हिमपात हुआ है और करीब आधा फीट तक बर्फ जम गई है। इससे जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं कांडा, विजयपुर आदि स्थानों पर भी जमकर हिमपात हुआ है।
रोडवेज की बस फंसी
धरमघर में हिमपात के कारण रोडवेज की बस दिनभर फंसी रही। बास्ती, चुचेर आदि सड़कें बंद रही और दर्जनों वाहन बागेश्वर और पिथौरागढ़ के बीच फंसे रहे। टैक्सियों का संचालन भी पूरी तरह ठप रहा। इससे स्थानीय लोग भी यात्रा नहीं कर सके।
सड़कें आवागमन के लिए बंद
लोनिवि कपकोट की कपकोट-शामा, तेजम, शामा-लीती, धरमघर-कोटमन्या, कर्मी-विनायक, रिखाड़ी-बाछम, बास्ती, चुचेर, गिरेछीना-बागेश्वर आदि मोटर मार्ग आवागमन के लिए बंद हो गए हैं। सड़कों के किनारे बर्फ अटी हुई है, हालांकि कुछ मोटर मार्गों को जेसीबी से खोलने का काम किया जा रहा है।
रातभर शहर की बिजली गुल
बारिश के बाद नगर की बिजली रात भर गुल रही। सुबह 11 बजे बाद लाइन में काम शुरू हुआ लेकिन सभी वार्डों में एक बजे तक आपूॢत सुचारु हो सकी। उधर, शामा, सौंग, मुनार, पतियासार समेत उच्च हिमालय से सटे गांवों में आपूॢत पूरी तरह ठप हो गई है।
पेयजल सुविधा पटरी से उतरी
हिमपात वाले गांवों में पेयजल व्यवस्था भी पटरी से उतर गई है। लोग बर्फ का पानी गरम कर पीने के उपयोग में जा रहे हैं और मवेशियों के लिए चारा आदि की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है।
संचार व्यवस्था ठप
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगे टावर पूरी तरह बंद हो गए हैं। बर्फबारी के कारण बिजली नहीं होने से उन्हें सुचारु करने में दिक्कत हो रही है, जिससे हिमालयी गांवों का संपर्क पूरी तरह जिला मुख्यालय से कट गया है।
बागेश्वर का पारा
अधिकतम-8 डिग्री सेल्सियस
न्यूतम- -02 डिग्री सेल्सयस
गांव को सुविधाओं से जाेड़ने की हो रही कोशिश
रंजना राजगुरु, डीएम, बागेश्वर ने बताया कि मूलभूत सुविधाओं से गांवों को जोडऩे की कोशिश की जा रही है। सभी विभागों को पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया था और बर्फबारी से बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गईं हैं।

