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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समय प्रबंधन के साथ सुलझाएं गणित की उलझन, बोर्ड एग्‍जाम के लिए विशेषज्ञ ने दिए टिप्‍स nainital news

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Updated: Thu, 23 Jan 2020 09:00 AM (IST)

दैनिक जागरण प्रश्न पहर के तहत मंगलवार को डीएवी स्कूल की शिक्षिका मुन्नी पंत ने सीबीएसई बोर्ड एग्जाम को देखते हुए गणित विषय की तैयारी पर परामर्श दिया।

समय प्रबंधन के साथ सुलझाएं गणित की उलझन, बोर्ड एग्‍जाम के लिए विशेषज्ञ ने दिए टिप्‍स nainital news
समय प्रबंधन के साथ सुलझाएं गणित की उलझन, बोर्ड एग्‍जाम के लिए विशेषज्ञ ने दिए टिप्‍स nainital news

हल्द्वानी, जेएनएन : दैनिक जागरण प्रश्न पहर के तहत मंगलवार को डीएवी स्कूल की शिक्षिका मुन्नी पंत ने सीबीएसई बोर्ड एग्जाम को देखते हुए गणित विषय की तैयारी पर परामर्श दिया। स्टूडेंट्स व उनके पैरेंट्स ने परीक्षा पैटर्न में हुए बदलाव के साथ अच्छे अंक हासिल करने की बुनियादी तरकीब व समय प्रबंधन पर आधारित सवाल पूछे। दूसरे स्टूडेंट्स भी लाभान्वित हो सकें, इसके लिए मुख्य बिंदुओं को प्रकाशित किया जा रहा है।

विकल्प वाले प्रश्न अधिक होंगे

पिछली वर्ष तक गणित में इंटरनल असेसमेंट नहीं होता था, मगर इस बार 20 अंक इंटरनल असेसमेंट के तय किए गए हैं। बाकी प्रश्नपत्र 80 अंकों का होगा। पैटर्न में बदलाव के बाद ऑपशनल यानी विकल्प वाले प्रश्नों की संख्या चार से बढ़कर 20 हो जाएगी। इन सवालों के उत्तर देने में बचे समय को बड़े प्रश्नों में सदुपयोग कर सकेंगे।

समय प्रबंधन की आदत डालें

प्रश्नपत्र 100 अंकों का होने से पिछले वर्ष तक एक अंक के लिए पौने दो मिनट का समय मिलता था, इस बार करीब सवा दो मिनट एक अंक के लिए मिलेगा। बारहवीं में छह-छह अंकों के चार प्रश्न पूछे जाएंगे। सवालों को हल करने के लिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी है।

इन बातों का जरूर रखें ध्यान

  • प्रश्न को पूरा पढ़ें, समझें और फिर हल करें।
  • इंटीग्रेशन फार्मूला समझने के लिए कीवर्ड बनाएं।
  • सैंपल पेपर देखें और हल करने का अभ्यास करें।
  • स्टेप पूरा लिखें, अन्यथा माक्र्स कट सकते हैं।
  • डिटर्मिनेंट्स को प्रॉपर्टी से ही खोलें।
  • प्रत्येक अध्याय को कवर करें।

पूर्वाग्रह से बाहर निकलने की जरूरत

शिक्षिका मुन्नी पंत ने कहा कि पूर्वाग्रह के कारण लोग गणित को कठिन मान बैठते हैं, जबकि रुचि के साथ अभ्यास करने पर यह डांस क्लास की तरह लगती है। इसलिए खुद के व बच्चों के दिमाग से मैथ का डर निकालें और बच्चों को प्रेरित करें।

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