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उत्तराखंड में अतिक्रमण पर एक्शनः 10 हेक्टेयर सरकारी वन भूमि को किया मुक्त, 28 बुलडोजर से 81 मकान तोड़े

Published: Sat, 31 Oct 2026 08:33 AM (IST)Updated: Sat, 31 Oct 2026 10:33 PM (IST)

रामनगर के पुछड़ी गांव में वन विभाग की पांच हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। इस कार्रवाई में 525 पुलिसकर्मी ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, रामनगर (नैनीताल)। नई बस्ती पुछड़ी गांव में तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने अपनी 10 हेक्टेयर भूमि को पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई की मदद से अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। 28 बुलडोजरों से 81 पक्के मकानों को तोड़ा गया। क्षेत्र में निगरानी के लिए पुलिस व वन विभाग अपने ड्रोन कैमरे से नजर रखे हुए था। अतिक्रमण स्थल पर आवाजाही रोकने को बैरिकेडिंग लगाए गए थे।

ॉजिले के पुलिस और वन विभाग के अफसर अपने-अपने 14 सेक्टर में मुस्तैद नजर आए। प्रत्येक सेक्टर में एक साथ अतिक्रमण हटने की कार्रवाई शुरू हुई। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की रामनगर रेंज के अंतर्गत पुछड़ी आरक्षित वन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश व रामनगर के ही खताड़ी, गुलरघट्टी, ऊंटपड़ाव आदि क्षेत्र के लोग यहां आकर रहने लगे थे।

यह क्षेत्र डेमोग्राफी चेंज के रूप में भी देखा जा रहा था। यही वजह है कि पहले चरण में ट्रंचिंग ग्राउंड व बिहारी टप्पर से पिछले साल सात दिसंबर को 25 हेक्टेयर में 52 भवन तोड़े गए थे। इस बार भी वन विभाग ने लगभग 90 अतिक्रमण चिह्नित किए थे।

अतिक्रमण हटाने के लिए वन विभाग से बेदखली आदेश भी जारी हुए थे। इनमें नौ लोगों को कोर्ट के स्टे की वजह से छोड़ दिया गया। शनिवार को दूसरे चरण में 81 पक्के एक मंजिले व दो मंजिला भवन तोड़े गए। वन विभाग, पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने गोपनीय तरीके से पूर्व में ही अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्ययोजना बना ली थी।

बनभूलपुरा की घटना से सबक लेते हुए और पहले चरण के अभियान के अनुभव से पुलिस प्रशासन अपनी पूरी कार्ययोजना बनाकर एवं गांव की भौगोलिक स्थिति को समझकर अतिक्रमण हटाने उतरा। मैन पावर के रूप में पुलिस प्रशासन व वन विभाग के एक हजार से अधिक कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे।

तड़के तीन बजे से पुलिस, प्रशासन व वन विभाग के अफसर टीम के साथ महाविद्यालय से अतिक्रमण हटाने के लिए रवाना होते रहे। सुबह करीब पांच बजे बुलडोजरों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। पूर्वाह्न 11 बजे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद अपराह्न एक बजे तक मलबे को एक जगह पर एकत्र करने व अन्यत्र फेंकने की कार्रवाई हुई।

कार्रवाई के दौरान एसपी सिटी हरबंश, डिप्टी कमांडेंट मनोज कत्याल, सीओ, एडीएम सौरभ असवाल, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, नगर आयुक्त पारितोष वर्मा, प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, कालाढूंगी के एसडीएम सुधीर कुमार, नैनीताल के एसडीएम नवाजी खलीक, धारी के एसडीएम अनुराग आर्य, तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे, तहसीलदार मनीषा मारकाना, डीएफओ पुनीत तोमर, डीएफओ मनीष जोशी, डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया, एसडीओ संदीप गिरी, एसडीओ किरण ग्वासाकोटी, एसडीओ अंकित बडोला, कोतवाल सुशील कुमार, ईओ आलोक उनियाल मौजूद रहे।

काम आया पहले का होमवर्क

इतने लंबे चौड़े क्षेत्र से एक साथ अतिक्रमण हटाने की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। पिछले साल भी न वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। चूंकि इस बार पक्के भवन थे और उनकी संख्या भी ज्यादा थी।

पिछले साल का अतिक्रमण हटाने का अनुभव ही इस बार वन विभाग, पुलिस व प्रशासन का मददगार रहा। उसी लिहाज से वन विभाग ने होमवर्क किया था। शनिवार को हुई कार्रवाई में यही होमवर्क काम आया। 

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