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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अनुसूचित जाति के कर्मचारी ने जनरल-ओबीसी कर्मियों के आंदोलन का किया समर्थन naintal news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Fri, 13 Mar 2020 09:59 AM (GMT+05:30)

जनरल-ओबीसी एसोसिसएशन को एक अनुसूचित जाति के शिक्षणेत्तर कर्मचारी ने अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के जरिए नौकरी मिलने के बाद प्रमोशन में कैसा आरक्षण।

अनुसूचित जाति के कर्मचारी ने जनरल-ओबीसी कर्मियों के आंदोलन का किया समर्थन naintal news
अनुसूचित जाति के कर्मचारी ने जनरल-ओबीसी कर्मियों के आंदोलन का किया समर्थन naintal news

बागेश्वर, जेएनएन : जनरल-ओबीसी एसोसिसएशन को एक अनुसूचित जाति के शिक्षणेत्तर कर्मचारी ने अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के जरिए नौकरी मिलने के बाद प्रमोशन में कैसा आरक्षण। नौकरी मिलने के बाद तो दस्तावेजों में सामान्य वर्ग लिख दिए जानी का प्रावधान होना चाहिए। उन्‍होंने अनुसूचित जाति शब्द को पूरे प्रदेश से हटाने की पुरजोर मांग की है।

बागेशवर में इंटर काॅलेज कमेड़ीदेवी में तैनात माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी विजय कुमार गुरुवार को विकास भवन पहुंचे। उन्होंने आंदोलित जनरल-ओबीसी कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने आरक्षण सिर्फ दस साल के लिए दिया था। यह आरक्षण दलित, गरीब, पिछड़े वर्ग के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए था। लेकिन जिस पर राजनीति हुई और उसे आगे बढ़ाया जाता रहा। कहा कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिलने के बाद उसके दस्तावेजों में सामान्य वर्ग दर्ज किया जाना चाहिए। प्रमोशन में आरक्षण का मतलब ही नहीं होता है।

अनुसूचित जाति शब्द को ही हटा देना चाहिए, यह हमें बांट रहा है। आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू होना चाहिए। एक राष्ट्र, एक जाति, एक धर्म के लिए सभी को एकजुट होना होगा। तभी भविष्य में आने वाली पीढ़ी जातिवाद के बंधन में नहीं बंधेगी। उनके समर्थन के बाद एसोसिएशन को नया जोश मिला है। एसोशिएशन ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर रवि जोशी, केसी मिश्रा, अनिल जोशी आदि मौजूद थे।

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