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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाई कोर्ट ने टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति की मांगों पर जल्‍द निस्‍तारण करने को कहा

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 23 Aug 2017 05:52 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 23 Aug 2017 08:57 PM (GMT+05:30)

नैनीताल ने हाईकोर्ट ने टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति की मांगों पर मुख्य सचिव को डीएम की संस्तुति के आधार पर जल्द निस्तारण करने को कहा है।

हाई कोर्ट ने टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति की मांगों पर जल्‍द निस्‍तारण करने को कहा
हाई कोर्ट ने टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति की मांगों पर जल्‍द निस्‍तारण करने को कहा

नैनीताल, [जेएनएन]: हाईकोर्ट ने टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति की मांगों पर मुख्य सचिव को डीएम की संस्तुति के आधार पर जल्द निस्तारण करने को कहा है। टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार व अन्य कस खिलाफ याचिका दायर करते हुए मांग रखी थी। जिसमें प्रतापनगर और गांजडा क्षेत्र के 15,500 लोगों को डैम बनने के बाद 80 किलोमीटर अधिक यात्रा करनी पड़ रही है, जिसके कारण उन्हें एक लाख 25 हजार रुपये प्रति परिवार 2010 से प्रतिपूर्ति के रूप में भुगतान करना प्रमुख था। 

समिति ने मांग की है कि तोलजीशेड, गांजडा व हुलाड़ी क्षेत्र के बीच एक एक आईटीआई खोलने की मांग की थी। इसके अलावा अपनी आखिरी मांग में समिति ने गांजा क्षेत्र की जनता के लिए धेन्तरी में 50 बेड का अस्पताल खोलने की मांग की है।

समिति की इन मांगों पर डीएम ने 26 फरवरी 2009 में प्रमुख सचिव और सरकार को संस्तुति भेजी थी। वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा की एकलपीठ ने मामले में डीएम द्वारा की गई संस्तुति पर मुख्य सचिव से निर्णय लेने का आदेश देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया है।

 

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