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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आदेशों का पालन न कराने पर पंचायती राज सचिव को कारण बताओ नोटिस nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Mon, 09 Dec 2019 04:04 PM (IST)

हाईकोर्ट ने हरिद्वार के रुड़की तहसील के रामबडेरी गांव में प्रधान और उनके पति द्वारा बजट खर्च में किए गए भ्रष्टाचार के मामले में पंचायती राज सचिव व्यक्तिगत रूप कोर्ट में पेश हुए।

आदेशों का पालन न कराने पर पंचायती राज सचिव को कारण बताओ नोटिस nainital news
आदेशों का पालन न कराने पर पंचायती राज सचिव को कारण बताओ नोटिस nainital news

नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिले की रुड़की तहसील के रामबडेरी गांव में प्रधान और उनके पति द्वारा बजट खर्च में किए गए भ्रष्टाचार के मामले में पंचायती राज सचिव व्यक्तिगत रूप कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनके खिलाफ आदेश का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सचिव की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्हें न्यायालय के आदेश की जानकारी नहीं है न ही उनको न्यायालय के आदेश की कॉपी  मिल पाई। जिसपर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें नए तरीके से एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई को 16 दिसम्बर की तिथि नियत की है।

हरिद्वार के मांगेराम ने दायर की है याचिका

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हरिद्वार निवासी मांगेराम सैनी की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया है कि रामबड़ेरी, राजपूताना ग्राम पंचायत के अंतर्गत तीन गांव आते हैं। वहां की प्रधान, उनके पति और ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा सरकार से आवंटित बजट में घपला किया गया है। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने सबसे पहले 2018 में प्रधान और प्रधान पति के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई थी, जिसमें आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पता करने पर जानकारी मिली कि फाइल स्पेशल इन्वेस्टीगेशन दफ्तर में पड़ी है। उसके बाद याचिकाकर्ता ने जिलाधिकारी को प्रत्यावेदन दिया और बताया कि हर व्यक्ति इससे प्रभावित हैं।

जांच में सही मिले भ्रष्‍टाचार के आरोप

जिलाधिकारी हरिद्वार ने एसएसपी हरिद्वार से किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मामले की जांच करने के लिए कहा। जिसके बाद पुलिस अधिकारी ममता बोरा ने सारे अभिलेखों का परीक्षण कर पाया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनने वाले शौचालयों में भारी अनियमितताएं हुई हें और गाँव के कब्रिस्तान की दीवार की मरम्मत में भी निम्न स्तर का माल लगाया गया है। इसके साथ ग्राम प्रधान द्वारा चोरी से गांव की बिजली की लाइन से बिना अनुमति के कनेक्शन लिया गया है।

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