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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ना ना के बाद कोश्यारी के फिर चुनाव लड़ने की चर्चा से बीजेपी में असमंजस की स्थिति

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 19 Mar 2019 12:23 PM (IST)

नैनीताल लोकसभा सीट पर भाजपा के लिए अजीब स्थिति बनी हुई है। सिटिंग सांसद भगत सिंह कोश्यारी के पहले नाना करने के बाद अब चुनाव लडऩे की मंसा से हालात अजीब हो गए हैं।

ना ना के बाद कोश्यारी के फिर चुनाव लड़ने की चर्चा से बीजेपी में असमंजस की स्थिति
ना ना के बाद कोश्यारी के फिर चुनाव लड़ने की चर्चा से बीजेपी में असमंजस की स्थिति

हल्द्वानी, जेएनएन : नैनीताल लोकसभा सीट पर भाजपा के लिए अजीब स्थिति बनी हुई है। सिटिंग सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने सीधे चुनाव लडऩे से इन्कार तो नहीं किया, लेकिन वह बार-बार कभी यूथ को टिकट दिए जाने तो कभी कुछ और बयान देते रहे। जब यूथ को लड़ाने की चर्चा हुई तो इसमें विधायक पुष्कर धामी का नाम सामने आ गया। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को लेकर भी कयास लगाए जाने लगे।

पार्टी हाईकमान में जैसे-जैसे टिकट तय करने का समय आया। राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चा होने लगी। सोशल मीडिया ने इस चर्चा को और हवा दे दी। शुरुआत में सिटिंग गेटिंग का फार्मूला अपनाए जाने की बात खुद प्रदेश अध्यक्ष कहने लगे। यहां तक कहने लगे कि राज्य की पांचों सीट पर कोई वैकेंसी ही नहीं है। जबकि, इस सीट पर चर्चा ये होने लगी कि तीन दावेदार कोश्यारी, धामी के साथ अजय भट्ट का नाम भी है। यही कारण रहा कि पिछले कुछ महीने से अजय भट्ट क्षेत्र में अधिक सक्रिय नजर आए। लोग चर्चा यह भी करने लगे थे कि कोश्यारी नहीं लड़ेंगे तो अजय भट्ट लड़ेंगे। इसके लिए उन्होंने भी इस पर सहमति जताई है, लेकिन हाइकमान के स्पष्ट निर्णय को लेकर दोनों के समर्थकों में जबरदस्त बेचैनी रही।

शनिवार यानी 16 मार्च से प्रत्याशी घोषित होने को लेकर सभी की निगाहें हाइकमान पर टिकी हुई हैं। जब टिकट फाइनल होने का समय आने लगी तो अंदरूनी तौर पर हलचल कुछ और ही बढ़ गई। विश्वस्त सूत्र यहां तक बताते हैं कि कोश्यारी ने चुनाव लडऩे के लिए हां कर दिया है। जबकि, सोमवार को अजय भट्ट के नाम के संदेश सोशल मीडिया में दौडऩे लगे थे। अब अंतिम मुहर इन दोनों के नाम पर लगती है या फिर अन्य दावेदारों पर। इसके लिए अब इंतजार बहुत अधिक नहीं करना पड़ेगा।

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