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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

15 फरवरी को धरती के करीब से गुजरेगा लघु ग्रह लेकिन टकराएगा नहीं nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 09 Feb 2020 08:38 PM (IST)

15 फरवरी को धरती के करीब आ रहे लघु ग्रह के धरती से टकराने की अफवाहों को वैज्ञानिकों ने सिरे से नकार दिया है। इसे 163373 संख्या के नाम से जाना जाता है और 2002 में खोज गया था।

15 फरवरी को धरती के करीब से गुजरेगा लघु ग्रह लेकिन टकराएगा नहीं nainital news
15 फरवरी को धरती के करीब से गुजरेगा लघु ग्रह लेकिन टकराएगा नहीं nainital news

नैनीताल, रमेश चंद्रा : कल्‍पना कीजिए यदि कोई ग्रह हमारी पृथ्‍वी से आकर टकरा जाए ताे कितने खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। यही कल्‍पना कभी-कभी अफवहा बनकर तैरती है और लोग अनायास ही दहशत में आ जाते हैं। जैसा कि इन दिनों हो रहा है। अफवाह फैली है कि एक लघु ग्रह पृथ्‍वी से आकर टकराने वाला है। पृथ्‍वी के जिस हिस्‍से से यह ट‍कराएगा उसे पूरी तरह से तहस-नहस कर देगा। लेकिन यह महिज एक अफवाह ही चलिए... आपको सच्‍चाई से रूबरू करा देते हैं।

15 फरवरी को धरती के पास से गुजरेगा लघु ग्रह

बेशक लघु ग्रह पृथ्वी के सबसे बड़े दुश्मन हों, मगर निकट भविष्य में फिलहाल इनसे कोई खतरा नहीं है। 15 फरवरी को धरती के करीब आ रहे लघु ग्रह के धरती से टकराने की अफवाहों को वैज्ञानिकों ने सिरे से नकार दिया है। इसे 163373 संख्या के नाम से जाना जाता है और 2002 में खोज गया था। लघु ग्रह को पृथ्वी के निकट से गुजरने वाले पिंडों में शामिल किया गया है। खोज के बाद से ही नासा समेत दुनिया की अनेक स्पेस एजेंसियां इस पर नजर रखे हुए हैं। आकार में यह 589 मीटर का है। यह हमारे सौर परिवार का सदस्य है। सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में इस ग्रह को 650 दिन का सफर तय करना होता है। इस लघु ग्रह को लेकर चर्चा है कि 15 फरवरी को धरती के पास से गुजरते समय पृथ्वी से टकरा जाएगा।

58 लाख किमी होगी धरती व लघु ग्रह के बीच की दूरी

भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बेंगलुरु के वरिष्ठ खगोलीय वैज्ञानिक प्रो. आरसी कपूर का कहना है कि जब यह हमारे पास से गुजरेगा तो धरती व इसके बीच की दूरी 58 लाख किमी होगी। इतनी अधिक दूरी के चलते धरती से टकराने की संभावना कोसो दूर तक नहीं रह जाती। पृथ्वी के साथ इसकी कक्षा की तुलना करें तो इसकी कक्षा दीर्घ वृत्ताकार है। जिसके चलते अपने भ्रमणकाल में यह जब सूर्य के सर्वाधिक नजदीक होता है तब दस करोड़ किमी दूर होता है और जब दूर से गुजरता है तो दूरी 33 करोड़ किमी हो जाती है। लिहाजा इस लघु ग्रह की धरती से टकराने की अफवाह कोरी हैं।

अक्सर धरती के करीब से होकर गुजर जाते हैं लघु ग्रह

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे का कहना है कि हमारे सौर परिवार में असंख्य छोटे-बड़े पिंड हैं। साल में कई बार धरती के नजदीक से होकर अपने पथ में आगे बढ़ जाते हैं। इनके धरती से टकराने की संभावना बनी रहती है। परंतु निकट भविष्य में ऐसा कोई भी पिंड पृथ्वी के बेहद करीब से नहीं गुजर रहा है, जिसके धरती से टकराने की संभावना हो।

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