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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बारिश से तर बतर हुआ कुमाऊं, उच्‍च हिमालयी चोटियों पर फिर हिमपात nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 22 Feb 2020 08:26 AM (IST)

बर्फबारी को लेकर कुदरत इस बार सरोवरनगरी पर खूब मेहरबान है। शुक्रवार को नगर की ऊंची चोटियां फिर से बर्फ से ढक गई। दिन पूरा बारिश से तरबतर होता रहा।

बारिश से तर बतर हुआ कुमाऊं, उच्‍च हिमालयी चोटियों पर फिर हिमपात nainital news
बारिश से तर बतर हुआ कुमाऊं, उच्‍च हिमालयी चोटियों पर फिर हिमपात nainital news

नैनीताल, जेएनएन : गुरुवार रात से बदले मौसम के कारण कुमाऊं में रहरह कर बारिश जारी है। शुक्रवार को पूरे दिन बारशि के साथ रात में भी बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। आज यानी शनिवार सुबह तक आसामान में बादलों का  पहरा है। धूप खिलने के आसार नजर आ रहे हैं। वहीं उच्‍च हिमालयी चोटियां फिर से बर्फ से ढक गईं हैं। नैनीताल में तापमान लुढ़ककर एक डिग्री सेल्सियस तक आ पहुंचा। इसका जनजीवन पर खासा असर पड़ा है।

नैनीताल में ऊंची चोटियों पर हुआ हिमपात

मौसम ने गुरुवार रात से तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। आधी रात को तेज हवा के साथ बूदाबांदी शुरू  हुई और तड़के ढाई बजे से जोरदार बारिश होने लगी। सुबह को दिन चढ़ा भी नहीं था कि शहर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात शुरू हो गया। करीब एक घंटे तक चयनापीक, टिफिनटॉप आयारपाटा, स्नोव्यू व किलबरी में जमकर हिमपात हुआ। यह इस मौसम का छठा हिमपात है। बर्फबारी के बाद बारिश शुरू हो गई, यह क्रम देर शाम तक जारी रही। ऊपरी इलाकों में तीन इंच तक बर्फ जम गई है। खराब मौसम के कारण लोग घरों से बाहर नही निकल पाए और घरों में दुबकने के लिए मजबूर हो गए। इस बीच तापमान गिरने से नगर कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया। पूरा दिन हीटर व आग के सहारे कटा।

सैलानियों ने उठाया मौसम का लुत्‍फ

अचानक हुई बर्फबारी सैलानियों के लिए सौगात साबित हुई। विभिन्न शहरों से पहुंचे सैलानियों ने ऊंची चोटियों पर पहुंचकर हिमपात का लुत्फ उठाया। पूरे दिन हुई बारिश से नैनी झील के जलस्तर में सुधार आया है। जीआइसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम एक डिग्री रिकार्ड किया गया। बारिश 12 मिमी हुई, जबकि आद्रता का स्तर अधिकतम 90 प्रतिशत पहुंच गया। न्यूनतम 75 प्रतिशत रही।

फिर झील में समाया कूड़ा

नैनीझील के नालों में मलबे के साथ कूड़ा कचरा जाने का सिलसिला थम नही पा रहा है। शुक्रवार की बारिश से नालों के जरिए ढेर सारी गंदगी झील में समा गई। झील के किनारे प्लास्टिक की बोतलों व कचरे से भरे नजर आए।

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