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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रुद्रपुर में बनेगा प्रदेश का पहला ऑटोमेटिक वाहन फिटनेस सेंटर ninital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 01 Mar 2020 06:55 PM (IST)

प्रदेश के पहले ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर का निर्माण रुद्रपुर में होगा। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से भूमि चिह्नित कर ली गई है।

रुद्रपुर में बनेगा प्रदेश का पहला ऑटोमेटिक वाहन फिटनेस सेंटर ninital news
रुद्रपुर में बनेगा प्रदेश का पहला ऑटोमेटिक वाहन फिटनेस सेंटर ninital news

रुद्रपुर, जेएनएन : प्रदेश के पहले ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर का निर्माण रुद्रपुर में होगा। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से भूमि चिह्नित कर ली गई है। परिवहन कार्यालयों में वाहनों की फिटनेस की जांच प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी। वाहनों की फिटनेस पूर्णत: डिजिटल होगी। नई व्यवस्था लागू होने से सड़कों से कंडम वाहनों का बाहर होना तय है। हाइटेक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हेराफेरी की गुंजाइश नहीं रहेगी। ऐसे में वाहन फिट होने पर ही सड़क पर दौड़ाने की मंजूरी मिलेगी।

परिवहन विभाग पूरी तरह से हाइटेक होने को तैयार है। जिला मुख्यालय में पहले ऑटोमेटेड ड्राइङ्क्षवग ट्रैक को मंजूरी मिली ही थी कि अब ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर भी बनाने की कवायत शुरू हो गई है। इसके लिए करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एआरटीओ प्रशासन पूजा नयाल ने बताया कि फिटनेस सेंटर पहले निजी हाथों में दिया जाएगा। जहां विशेषज्ञ तकनीशियन तैनात रहेंगे। इसके लिए रुद्रपुर में कल्याणपुर में सिडकुल के समीप पांच एकड़ भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।

एआरटीओ नयाल ने बताया कि वेरिफिकेशन फिटनेस सेंटर से होगा उसके बाद एआरटीओ फिटनेस सर्टिफिकेट को अप्रूव करेंगे। फिटनेस सेंटर बनने से वाहनों की लाइन नहीं लगेगी। साथ ही पारदर्शिता बनी रहेगी। खास बात है कि वाहन में जरा सी भी यदि कमी है तो फिटनेस फेल होगा। एक वाहन को वेरिफिकेशन में छह से 10 मिनट का समय लगेगा।

नंबर बदलकर नहीं ले पाएंगे

परिवहन विभाग की ओर से कामर्शियल और हैवी वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया को हाइटेक करने की तैयारी है। फिटनेस सेंटर बनने के बाद वाहनों के चेचिस को जांचने के लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगा। इसमें नंबर प्लेट बदलकर फिटनेस प्रमाण-पत्र लेने के फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगेगा।

अत्याधुनिक मशीनों से होगी जांच

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेंटर में अत्याधुनिक मशीनें मंगवाई जाएंगी। मशीनों से वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग आसान रहेगी। इसमें वक्त भी कम लगेगा और गाड़ी की खामियां भी जल्द ही सामने आ जाएंगी।

रोजाना 200 वाहनों की हो सकेगा

इस फिटनेस सेंटर में रोजाना 150-200 वाहनों की फिटनेस का परीक्षण हो सकेगा। एक बार में तीन वाहनों की जांच की जा सकेगी। इसके वाहनों के बॉडी, इंजन, सीट, प्रदूषण सहित अन्य जांच के लिए अलग-अलग चेंबर बनेंगे। जिसमें आधुनिक कैमरे और स्केनर मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इसमें एक वाहन की जांच में अधिकतम 10 मिनट का समय लगेगा।

भेज दिया गया है शासन को प्रस्‍ताव

पूजा नयाल, एआरटीओ प्रशासन, रुद्रपुर ने बताया कि रुद्रपुर में प्रदेश का पहला फिटनेस जांच केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है। सिडकुल के समीप पांच एकड़ भूमि में ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक और फिटनेस सेंटर बनाया जाएगा। बजट मिलने पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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