यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एसटीएफ ने 31 किलो चरस के साथ चार तस्करों को टांडा जंगल से किया गिरफ्तार nainiatal news
एसटीएफ ने चरस की तस्करी कर रहे चार तस्करों को टांडा तिराहे से गिरफ्तार किया है। उनके पास से 31 किलो ग्राम चरस एक बाइक और कैंटर बरामद किया।

रुद्रपुर, जेएनएन : एसटीएफ ने चरस की तस्करी कर रहे चार तस्करों को टांडा तिराहे से गिरफ्तार किया है। उनके पास से 31 किलो ग्राम चरस, एक बाइक और कैंटर बरामद किया। बाद में पंतनगर थाना पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक चरस कपकोट, बागेश्वर से खरीदकर दिल्ली ले जाई जा रही थी।
रविवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि पहाड़ से नशीले पदार्थ की खेप आ रही है। सूचना पर कुमाऊं के एसटीएफ प्रभारी एमपी सिंह और एसआइ विनोद जोशी के नेतृत्व में एसटीएफ ने पंतनगर, टांडा तिराहे पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान रुद्रपुर को आ रहे कैंटर यूके-04-सीबी-5197 को रोक लिया। तलाशी लेने पर कैंटर से एसटीएफ को 31 किलोग्राम चरस मिली। इस पर पुलिस ने कैंटर सवार तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। यह देख पीछे से आ रहा बाइक सवार भागने लगा। शक होने पर पुलिस कर्मियों ने उसे भी पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में उन्होंने अपना नाम ग्राम धनौरा, ज्वालापुरी, बिलासपुर, रामपुर निवासी सुंदर सिंह पुत्र चंदन सिंह, संग्राम सिंह उर्फ संतोष पुत्र नेत्र सिंह, नरपतनगर, जाफरपुर निवासी विशाल कक्कड़ पुत्र अशोक कुमार और ग्राम जोलपोखरा, पहाड़पानी, मुक्तेश्वर, नैनीताल निवासी नंदन सिंह बिष्ट बहादुर सिंह बताया। बताया कि वह चरस ग्राम झूनी, कपकोट, बागेश्वर निवासी नरेंद्र सिंह से 35 हजार रुपये प्रति किलो की दर से खरीदकर लाए हैं। बाद में चरस को दिल्ली निवासी राजेश, राजेश नेपाली और लाला समेत अन्य को 50 हजार रुपये प्रति किलो की दर से बेचते हैं। बाद में पुलिस ने चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। आरोपित एक किलो पर 15 हजार रुपये का मुनाफा कमाते थे।
