विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जंगल में ग्रामीण पर बाघ ने किया हमला, मौत सामने देख डरने की बजाए भिड़ गया ग्रामीण nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 07 Jan 2020 06:36 PM (IST)

भैंस चराने जंगल गए गुजर पर बाघ ने हमला कर दिया। खुद को बाघ के चंगुल में देख गुजर बिना हिम्मत हारे बाघ से भिड़ गया।

जंगल में ग्रामीण पर बाघ ने किया हमला, मौत सामने देख डरने की बजाए भिड़ गया ग्रामीण nainital news
जंगल में ग्रामीण पर बाघ ने किया हमला, मौत सामने देख डरने की बजाए भिड़ गया ग्रामीण nainital news

रामनगर, जेएनएन : भैंस चराने जंगल गए गुजर पर बाघ ने हमला कर दिया। खुद को बाघ के चंगुल में देख गुजर बिना हिम्मत हारे बाघ से भिड़ गया। उसने संघर्ष कर खुद को बाघ के पंजों से छुड़ाया और मौके से भागकर सुरक्षित जगह पर आ गया। खून से लथपथ गुजर ने मौके से परिजनों को फोन किया। परिजन उसे लेकर चिकित्सालय पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया।

भैंस चराने जंगल में गया था ग्रामीण

रामनगर में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जंगल अंतर्गत आमपोखरा रेंज के प्लाट नंबर 14 में गुजर परिवार रहता है। मंगलवार की सुबह आठ बजे गुजर ताज मो. पुत्र गुलाम रसूल भैंस चराने जंगल गया था। घर से करीब 500 मीटर दूर जंगल में झाड़ी में छिपकर घात लगाए बाघ ने उस पर पीछे से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में जब तक कुछ समझ पाता तब तक वह बाघ के चंगुल में फंस चुका था। बाघ ने उसके गले में पंजे से लगातार वार कर दिए। पंजों में खुद को फंसा देख उसने हिम्मत नहीं हारी। वह संघर्ष करते हुए बाघ के चंगुल से छूटने में कामयाब हो गया। बाघ ने दोबारा हमले का प्रयास भी किया, लेकिन वह बच निकला।

सुरक्षित जगह पहुंचकर परिजनों को किया फोन

सुरक्षित जगह पर पहुंचकर उसने मोबाइल निकालकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन व अन्य गुजर लाठी डंडे लेकर उसके बचाव के लिए मौके के लिए दौड़ पड़े। परिजन आसपास बाघ होने की आशंका पर शोर शराबा करते हुए जंगल में गए। वह खून से लथपथ गुजर को अपने डेरे तक लाए। इसके बाद 108 एंबुलेंस से उसे संयुक्त चिकित्सालय लाया गया। सूचना पर वन कर्मी भी चिकित्सालय पहुंच गए। इस हमले के बाद भैंस भी वहां से इधर उधर भाग गई। बाद में भैंसे डेरे में पहुंच गई। सूचना पर डीएफओ हिमांशु बागरी ने गुजर डेरे में पहुंचकर परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी ली। रेंजर विपिन डिमरी ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। गुजर डेरे के आसपास वन विभाग द्वारा गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग द्वारा घायल को मिलने वाला विभागीय उचित मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है।

यह भी पढ़ें : पहाड़ से लेकर तराई-भाबर तक जबरदस्त शीतलहर, बूंदाबादी ने बढ़ाई गलन

यह भी पढ़ें : विश्‍व की सबसे खतरनाक बाघिन का जहां जिम कॉर्बेट ने किया था शिकार उसे बनाया जाएगा पर्यटन स्‍थल