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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दक्षिण अफ्रीका की तर्ज पर रामनगर में भी शुरू होगी टाइगर सफारी, जानें खासियत nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 17 Mar 2020 09:08 AM (IST)

कॉर्बेट पार्क व सीतावनी जोन में पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए अब तराई पश्चिमी वन प्रभाग में भी पर्यटन शुरू करने की योजना बनाई गई है।

दक्षिण अफ्रीका की तर्ज पर रामनगर में भी शुरू होगी टाइगर सफारी, जानें खासियत nainital news
दक्षिण अफ्रीका की तर्ज पर रामनगर में भी शुरू होगी टाइगर सफारी, जानें खासियत nainital news

रामनगर, जेएनएन : कॉर्बेट पार्क व सीतावनी जोन में पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए अब तराई पश्चिमी वन प्रभाग में भी पर्यटन शुरू करने की योजना बनाई गई है। दक्षिणी जसपुर क्षेत्र में दक्षिण अफ्रीका की तर्ज पर टाइगर सफारी शुरू कराई जाएगी। योजना परवान चढ़ी तो पर्यटकों को हर हाल में बाघ समेत अनेक वन्यजीवों का दीदार होगा। सफारी के दौरान जंगली जानवर खुले में रहेंगे। जबकि उन्हें देखने वाले पर्यटक पिंजरेनुमा वाहन में रहेंगे।

तुमडिय़ा डैम के 20 हेक्टेयर क्षेत्र को पर्यटन जोन बनाएंगे

उच्चाधिकारियों के निर्देश के क्रम में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत दक्षिणी जसपुर तुमडिय़ा डैम के करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में पर्यटन को विकसित करने के लिए टाइगर सफारी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इस योजना के तहत करीब सौ हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल के स्वरूप में ही बाड़ा बनाकर उसे कवर किया जाएगा। बाघ, हाथी समेत अनेक वन्यजीवों को लाकर प्राकृतिक स्वरूप में ही उस बाड़े में रखा जाएगा। चारों ओर से कवर होने की वजह से बाघ बाड़े से बाहर नहीं जा सकेंगे। इसके बाद पर्यटक बंद वाहनों में  बैठकर कवर किए हुए क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। इससे आसानी से उन्हेें बाघ का दीदार भी हो जाएगा।

प्रस्‍ताव केन्‍द्रीय चिडि़याघर भेजा जाएगा

वन विभाग अभी इसका अध्ययन कर रहा है कि सफारी का क्या स्वरूप होगा। कौन से जानवर वहां लाए जाएंगे। कितना खर्चा इस पूरी योजना में आ सकता है। डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि प्रस्ताव बनाया जा रहा है। प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण को भेजा जाएगा। अनुमति मिलने के बाद इसकी कार्रवाई शुरू हो जाएगी। ऐसे में पर्यटकों की यहां और आमद बढ़ेगी।

कॉर्बेट में खुलेंगे दो नए पर्यटन जोन

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में दो नए पर्यटन जोन खुलेंगे। ऐसे में प्रकृति और वन्‍यजीवों का करीब से दीदार करने वाले पर्यटकों को कार्बेट पार्क में पहले से अधिक जोन में सफारी करने का मौका मिलेगा। पिछले दिनों वन मंत्री हरक सिंह रावत ने नए जोन शुरू करने व जिप्सियों की परमिट बढ़ाने की घोषणा कर दी है। वन मंत्री ने कॉर्बेट पार्क में रिंगोड़ा नाम से नया जोन खोलने और तराई पश्चिमी वन प्रभाग में फाटो में नया पर्यटन जोन खोलने की घोषणा की।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की कुछ खास बातें

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत में सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है जिसको 1936 में बंगाल टाइगर की रक्षा के लिए हैली नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क हिमालय पर्वत की तलहटी और रामगंगा नदी के किनारे उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले में स्थित है। इस पार्क में पेड़ों की लगभग 50 प्रजातियों, 580 पक्षियों की प्रजातियां और जानवरों की 50 प्रजातियों के अलावा सरीसृप की 25 प्रजातियां पाई जाती हैं, जो 500 से अधिक वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली हुई हैं। इस नेशनल पार्क के क्षेत्र में बेल्ट, पहाड़ी, दलदली अवसाद, झीलें, नदियां और घास के मैदान हैं।

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