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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में दो नए पर्यटन जोन खुले, चले आइए जंगल सफारी का लुत्‍फ उठाने

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Tue, 28 Jan 2020 09:03 AM (IST)

वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कॉर्बेट पार्क में पर्यटकों के लिए नए जोन शुरू करने व परमिट बढ़ाने की घोषणा की है। होटल एसोसिएशन की मांग पर उन्होंने यह घोषणा की।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में दो नए पर्यटन जोन खुले, चले आइए जंगल सफारी का लुत्‍फ उठाने
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में दो नए पर्यटन जोन खुले, चले आइए जंगल सफारी का लुत्‍फ उठाने

रामनगर, जेएनएन : जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में दो नए पर्यटन जोन खुलेंगे। ऐसे में प्रकृति और वन्‍यजीवों का करीब से दीदार करने वाले पर्यटकों को कार्बेट पार्क में पहले से अधिक जोन में सफारी करने का मौका मिलेगा। इसके लिए वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कॉर्बेट पार्क में पर्यटकों के लिए नए जोन शुरू करने व जिप्सियों की परमिट बढ़ाने की घोषणा कर दी है। होटल एसोसिएशन की मांग पर उन्होंने यह घोषणा की। वन मंत्री ने कहा कि फरवरी प्रथम सप्ताह से इसे क्रियान्वित किया जाएगा। होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ वन मंत्री हरक सिंह रावत ने रविवार रात में वनाधिकारियों की मौजूदगी में बैठक की।

दो नए जोन खुलने से पर्यटकों की आमद बढ़ेगी

एसोसिएशन के अध्यक्ष मान ने कॉर्बेट में पर्यटन बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे और अधिक पर्यटक यहां आएंगे तो पर्यटन से जुड़े लोगों को फायदा मिलेगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वन मंत्री को पर्यटन बढ़ाने के सुझाव दिए। जिसके बाद वन मंत्री ने एसोसिएशन की मांग पर कॉर्बेट पार्क में रिंगोड़ा नाम से नया जोन खोलने, तराई पश्चिमी वन प्रभाग में फाटो में नया पर्यटन जोन खोलने के अलावा कॉर्बेट के ढेला पर्यटन जोन में सुबह व शाम 15-15, पाखरो में दस-दस जिप्सियों के परमिट बढ़ाने की घोषणा की।

जिम कॉर्बेट पार्क के प्रमुख जोन

बिजरानी सफारी जोन

ढिकाला सफारी जोन

ढेला सफारी जोन

झिरना सफारी जोन

सीताबनी बफर जोन

दुर्गादेवी सफारी जोन

अप्रैल में होगा कॉर्बेट महोत्सव

नए जोन खोलने बाबत दोनों प्रस्ताव शासन में पूर्व भेजे गए थे। फाटो में सुबह व शाम 30-30 व रिंगोड़ा में 15-15 जिप्सियों के परमिट देने की बात कही गई। इसके अलावा वन मंत्री ने अप्रैल में कॉर्बेट महोत्सव शुरू कराने व उसके आयोजन की तैयारियों को लेकर वनाधिकारियों से चर्चा की।  बैठक में मुख्य वन संरक्षक पराग मधुकर धकाते, सीटीआर निदेशक राहुल, एजी अंसारी, संजय कौशल, कमल त्रिपाठी, विकास जिंदल, मनीष डाबर मौजूद रहे।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की कुछ खास बातें

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत में सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है जिसको 1936 में बंगाल टाइगर की रक्षा के लिए हैली नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क हिमालय पर्वत की तलहटी और रामगंगा नदी के किनारे उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले में स्थित है। इस पार्क में पेड़ों की लगभग 50 प्रजातियों, 580 पक्षियों की प्रजातियां और जानवरों की 50 प्रजातियों के अलावा सरीसृप की 25 प्रजातियां पाई जाती हैं, जो 500 से अधिक वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली हुई हैं। इस नेशनल पार्क के क्षेत्र में बेल्ट, पहाड़ी, दलदली अवसाद, झीलें, नदियां और घास के मैदान हैं।

कॉर्बेट पार्क घूमने का सबसे अच्‍छा समय

अगर आप जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की यात्रा करने के बारे में विचार बना रहे हैं तो आपको बता दें कि इस पार्क के लिए आप पूरे साल यात्रा कर सकते हैं, लेकिन इसकी यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय नवंबर और फरवरी के बीच होता है। सर्दियों के मौसम के दौरान सभी क्षेत्र खुले होने की वजह से आप यहां अधिक जानवरों को देख पाएंगे। यहां गर्मी ज्यादा नहीं पड़ती इसलिए गर्मियों का समय अधिकांश जानवरों को जल निकायों के पास देखने का यह अच्छा समय होता है। मानसून (जून- अगस्त) का मौसम यहां जाने के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि इन महीनों के दौरान पार्क ज्यादातर समय बंद रहता है।

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