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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुमाऊं में 244 बीएसएनएल कर्मिचारियों को एक दिन में दिया गया वीआरएस nainita news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 01 Feb 2020 09:40 AM (IST)

लगातार घाटे से जूझ रहे भारत संचार निगम लिमिटेड ने शुक्रवार को अल्मोड़ा परिमंडल (एसएसए) के चार जिलों में 131 में से 74 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी।

कुमाऊं में 244 बीएसएनएल कर्मिचारियों को एक दिन में दिया गया वीआरएस nainita news
कुमाऊं में 244 बीएसएनएल कर्मिचारियों को एक दिन में दिया गया वीआरएस nainita news

अल्मोड़ा, जेएनएन : आर्थिक संकट से जूझ रहे बीएसएनएल को उबारने के लिए कुमाऊं में 244 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली। नैनीताल दूरसंचार परिमंडल में तीन डीजीएम समेत 171 कर्मचारी व अल्मोड़ा परिमंडल में 73 कर्मचारी 31 जनवरी को वीआरएस पर चले गए। कर्मचारियों के वीआरएस जाने के बाद कुमाऊं के छह जिलों में 220 टेलीफोन एक्सचेंज और करीब 700 मोबाइल बीटीएस के संचालन तथा लाइनों के रखरखाव आदि के लिए स्टाफ का संकट हो गया है।

अब यह हो गई है बीएसएनएल के दफ्तरों की स्थिति

लगातार घाटे से जूझ रहे भारत संचार निगम लिमिटेड ने शुक्रवार को अल्मोड़ा परिमंडल (एसएसए) के चार जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ में 131 में से 73 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी गई। इनमें सबसे अधिक संख्या अल्मोड़ा जिले की है। यहां तैनात कुल 65 में से 52 कर्मचारियों को वीआरएस दिया गया है। अब जनपद में मात्र 14 कर्मचारियों के बूते सेवा दी जाएगी। उधर, चंपावत में चार व पिथौरागढ़ में 17 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी गई है। बागेश्वर में किसी ने वीआरएस नहीं लिया। बीएसएनएल के समक्ष अल्मोड़ा में 58 तो नैनीताल परिमंडल में 112 कर्मचारियों के बूते 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा की चुनौती खड़ी हो गई है।

सात सौ बीटीएस व 220 दूरभाष केंद्रों पर असर

अल्मोड़ा परिमंडल के चार जिलों में ढाई सौ से अधिक मोबाइल बीटीएस व करीब डेढ़ सौ एक्सचेंज हैं। वहीं नैनीताल परिमंडल में 440 बीटीएस और 71 एक्सचेंज हैं। इनसे वर्तमान में करीब 10 लाख मोबाइल व करीब 35 हजार से अधिक लैंडलाइन व ब्राडबैंड उपभोक्ता जुड़े हैं। अब वीआरएस के बाद आधे से कम रह गए स्टाफ के भरोसे कंपनी को चलाना बड़ी चुनौती होगा।

संभलने में लगेंगे तीन माह

वीआरएस के बाद लडख़ड़ाए निगम को संभलने में तीन माह लग सकते हैं। अधिकारी कहते हैं कि आउटसोर्सिंग से भर्ती की गाइडलाइन तो मिली है लेकिन स्पष्ट निर्देश न होने से असमंजस बना है। जाहिर है प्रतिस्पर्धा के इस दौर में बीएसएनएल को अपनी साख बचाने व बाजार में टिके रहने के लिए कड़ी चुनौती झेलनी पड़ सकती है।

जिलावार वीआरएस वाले कार्मिक

अल्मोड़ा - 52

बागेश्वर - 00

पिथौरागढ़ - 17

चंपावत - 04

नैनीताल - 90

ऊधमसिंह नगर - 81

आउटसोर्सिंग से रखे जाएंगे कर्मचारी

एके गुप्ता, महाप्रबंधक, अल्मोड़ा परिमंडल  ने बताया‍ कि वीआरएस के बाद परिमंडल में कर्मचारियों की संख्या कम हुई है। लेकिन उपभोक्ताओं की सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान ना आए। इसका पूरा ख्याल जाएगा। आउटसेर्सिंग से कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश मिले हैं। शीघ्र ही निगम के नियमानुसार निविदा आमंत्रित कर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।

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