विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सात पहाड़ों से घिरा नैनीताल क्यों कहलाता है झीलों का शहर... कैसे पड़ा इसका नाम?

Published: Fri, 04 Sep 2026 03:25 PM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2026 03:44 PM (IST)

Uttarakhand Tourism: नैनीताल, जिसे झीलों का शहर कहा जाता है, की खोज 1841 में अंग्रेज व्यापारी पीटर बैरन ने की थी।

Lake District of India: नैनीताल।

Lake District of India: नैनीताल।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

निर्मला बोहरा, उत्तराखंड। Uttarakhand Tourism: देवभूमि उत्तराखंड मंदिरों के साथ ही यहां के हिल स्टेशन के लिए भी जाना जाता है। यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं और प्रक्रृति की गोद में समय बिताते हैं।

नैनीताल उत्तराखंड का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। जो 2000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक खूबसूरत शहर है। नैनी झील के किनारे बसा यह शहर सात पहाड़ों से घिरा हुआ है। वहीं नैनीताल में कुल सात झीले पाई जाती हैं।

क्‍या आप जानते हैं की खोज क‍िसने की? इसका नाम नैनीताल कैसे पड़ा और इसे स‍िटी ऑफ लेक्‍स क्‍यों कहा जाता है?

nainital new

किसने की नैनीताल की खोज?

पीटर बैरन नामक एक अंग्रेज व्यापारी ने वर्ष 1841 में नैनीताल की खोज की थी। पी बैरन पहली बार 1839 तथा दूसरी बार 1841 में नैनीताल आए थे। 'वांडरिंग इन द हिमाला' पुस्तक के माध्यम से उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया था।

सात पहाड़ों से घिरा है नैनीताल

नैनीताल 2000 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है और सात पहाड़ों से घिरा हुआ है।

  1. अयारपाटा,
  2. देवपाटा,
  3. हांडी-बांडी,
  4. नैना,
  5. अल्मा,
  6. लारिया-कांटा,
  7. शेर का डांडा,

कैसे पड़ा नैनीताल नाम?

'नैनीताल' नाम 'नैना' (आंख) और 'ताल' (झील) को मिलाकर रखा गया है। नैनी झील आंख के आकार की है। वहीं नैना देवी मंदिर इस झील के उत्तर दिशा में ऊपरी किनारे पर है। ये मंदिर 64 शक्ति पीठों में से एक है। एक पौराणिक मान्‍यता ये भी है क‍ि जब भगवान शिव देवी सती को लेकर जा रहे थे तो यहां देवी सती की आंखें गिरी थीं।

यह भी पढ़ें- पर्यटन से स्वरोजगार की मिसाल उत्तराखंड का ये गांव, बनाए 40 से ज्यादा होम स्टे... ग्रामीणों को मिला रोजगार

मानस खंड में वर्णन

नैनीताल का नाम 'मानस खंड' में त्रि-ऋषि-सरोवर के रूप में लिया गया है। ये नाम तीन ऋषियों- अत्रि, पुलस्त्य और पुलह के कारण पड़ा। कहा जाता है ये तीनों ऋषि यहां तपस्या के लिए आए हुए थे। उन्हें पीने के लिए पानी नहीं मिला, तो तीनों ने गड्ढा खोदा और उसमें मानसरोवर झील (तिब्बत की पवित्र झील) का पानी लाकर भर द‍िया।

WhatsApp Image 2026-09-04 at 3.46.33 PM

नैनीताल में हैं ये सात ताल

नैनीताल में सात झीलें हैं, जिस कारण नैनीताल को झीलों का शहर भी कहा जाता है।

  1. नैनी झील
  2. भीमताल
  3. नौकुचियाताल
  4. सात ताल
  5. खुरपाताल
  6. गरुड़ताल
  7. सरियाताल

यह भी पढ़ें- खत्म हुआ भोले के भक्तों का इंतजार, IRCTC पर इस तारीख से बुक होंगे केदारनाथ हेली सेवा के टिकट