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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बागेश्‍वर के जंगल मे आग लगने से दो महिलाएं जिंदा जलीं, एक की हालत गंभीर nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 05 Apr 2020 10:20 PM (IST)

बागेश्‍वर जिले के कपकोट ब्लॉक के चचई पुडकुनी के जंगल में देर शाम भयकंर आग लगने से एक महिला की मौत हो गयी। जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

बागेश्‍वर के जंगल मे आग लगने से दो महिलाएं जिंदा जलीं, एक की हालत गंभीर nainital news
बागेश्‍वर के जंगल मे आग लगने से दो महिलाएं जिंदा जलीं, एक की हालत गंभीर nainital news

बागेश्वर, जेएनएन : बागेश्‍वर जिले के कपकोट ब्लॉक के चचई पुडकुनी के जंगल में देर शाम भयकंर आग लगने से दो महिलाएं जिंदा जलकर मर गईं। जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। जंगल मे आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।  वह विभाग की टीम भी मौके पर नही पहुँची है। शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंपा दिया गया है। 

सुबह करीब सात बजे चचई गांव की करीब छह महिलाएं पुड़कुनी के जंगल में चारा लेने गईं थीं। उन्होंने दिनभर घास काटी और उसे सूखाने को छोड़ दिया। देर शाम जंगल के नीचे से एकाएक आग भड़क गई। अंधड़ और तेज हवा चलने से आग ने विकराल रूप ले लिया। महिलाएं भयभीत हो गई और भागने लगीं। जिसमें चचई निवासी नंदी देवी (40) पत्नी मदन राम, इंद्रा देवी (36) पत्नी तारा चंद्र आर्य झुलस गईं। नंदी का शव देर शाम बरामद हो गया, लेकिन इंद्रा का शव रविवार की सुबह गधेरे से बरामद किया गया। जबकि गंगा देवी (32) पत्नी दयाल राम भागते समय गिर गई और घायल हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। एसडीएम कपकोट प्रमोद कुमार ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना की सभी कोणों से जांच की जा रही है। घटना से कोहराम मचा हुआ है।

एसडीम प्रमोद कुमार ने बताया कि टीम घटना स्थल गई है। नंदी देवी (40) पत्नी मदन राम, इंद्रा देवी (36) पत्नी तारा चंद्र आर्य की मौत हो गई है। वहीं झुलसी महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिरूल में आग लगने और तेज हवा चलने से आग जंगल मे फैल गई। घटना की जानकारी देर में मिली। इधर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा की वन विभाग सोया हुआ है। अभी तक घटना स्थल पर नहीं पहुंचा है, जबकि वन कर्मियों की किसी प्रकार की ड्यूटी भी नही है।

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