विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हर साल दिखने वाले परिंदे इस बार नहीं आए, बर्फबारी की कमी से गड़बड़ाया पक्षियों का माइग्रेशन चक्र

Published: Mon, 12 Jan 2026 04:15 PM (IST)

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जनवरी के दूसरे पखवाड़े में भी वर्षा और बर्फबारी न होने से पक्षियों का माइग्रेशन ...और पढ़ें

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी न होने से निचले इलाकों में कई परिंदों का दीदार नहीं हो पा रहा।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी न होने से निचले इलाकों में कई परिंदों का दीदार नहीं हो पा रहा।

HighLights

  1. जनवरी में वर्षा-बर्फबारी न होने से पक्षियों का माइग्रेशन गड़बड़ाया।

  2. उच्च हिमालयी परिंदे निचले इलाकों में अब तक नहीं दिखे।

  3. नमी की कमी से पक्षियों को भोजन तलाशने में कठिनाई।

अजय खंतवाल, जागरण कोटद्वार (पौड़ी) । जनवरी का दूसरा पखवाड़ा शुरू होने वाला है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और बर्फबारी नहीं हुई। मौसम का यह बदलाव जहां आमजन को परेशान कर रहा है, वहीं परिंदों की गतिविधियां भी इससे प्रभावित हो रही हैं। उनका माइग्रेशन चक्र गड़बड़ा गया है।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी न होने से निचले इलाकों में अब तक ऐसे कई परिंदों का दीदार नहीं हो पा रहा, जो जनवरी प्रथम सप्ताह से यहां चहचहाने लगते थे।

स्नोई ब्राउड फ्लाईकैचर सहित कई अन्य परिंदे निचले इलाकों में नजर नहीं आ रहे। रूडी शैल डक, गूजेंडर सहित अन्य जलीय पक्षी भी अन्य वर्षों की अपेक्षा कम दिख रहे हैं।

Himalaya

पक्षी प्रेमी राजू पुशोला बताते हैं कि हिमालयी क्षेत्रों के पक्षी अभी उस तादाद में नीचे नहीं आए है, जैसे अन्य वर्षों में आते थे। यदि अब भी वर्षा और बर्फबारी न हुई तो लंबी दूरी से आने वाले पक्षियों की भी वापसी समय से पूर्व होने लगेगी।

Himalaya Birds

सेवानिवृत्त वनाधिकारी धीरजधर बछवाण के अनुसार वर्षा और बर्फबारी न होने से जमीन की नमी तेजी से कम हो रही है। इससे पक्षियों को भोजन की तलाश में भटकना पड़ रहा है। पक्षी प्रेमी राजीव बिष्ट के अनुसार कई ऐसे पक्षी हैं, जिनका अभी इंतजार है।

Birds News

वह बताते हैं कि पक्षी भी स्वयं को पर्यावरणीय परिवर्तन के अनुरूप ढालने में लगे हैं। वह अपना वासस्थल तेजी भी बदल रहे हैं। साइबेरिया से आने वाले कई पक्षियों ने अब भारत को ही अपना ठिकाना बना दिया है।

Uttarakhand Birds News

इन पक्षियों का भी इंतजार

ब्लैक स्ट्रोक, मलार्ड, नार्दन शावलर, स्नोई ब्राउड फ्लाई कैचर, चेस्टनट हेडेड तिसिया, ग्रीन टेल सन वर्ड, लांग बिल्ड थ्रस, रुबी थ्राट, वाब्लर्स।

यह भी पढ़ें- हिमालय में बना हुआ है हिम अकाल, वनस्पतियां झेल रही हैं सूखी हवा और कड़ाके की ठंड की मार

यह भी पढ़ें- हिमालय की बर्फ में आज भी दफन है परमाणु उपकरण, कैसे चीन पर जासूसी के लिए CIA के प्लान का हिस्सा बना भारत?

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।