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    UPCL की मनमानी पर उपभोक्ता आयोग सख्त, लगाया 1.76 लाख रुपये की बिजली चोरी का झूठा आरोप

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 01:56 PM (IST)

    जिला उपभोक्ता आयोग पौड़ी ने ऊर्जा निगम की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने बाल भारती स्कूल, कोटद्वार पर लगाए गए बिजली चोरी के आरोप को फर्जी पाया ...और पढ़ें

    विभाग के बिजली चोरी के आरोप को आयोग ने पाया फर्जी, 1.76 लाख की वसूली को किया रद्द। प्रतीकात्मक

    विभाग के बिजली चोरी के आरोप को आयोग ने पाया फर्जी, 1.76 लाख की वसूली को किया रद्द। प्रतीकात्मक

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    जागारण संवाददाता, पौड़ी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पौड़ी की अदालत ने बिजली विभाग की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी फटकार लगाई है। आयोग ने विभाग के द्वारा बाल भारती स्कूल मोटाढाक कोटद्वार पर लगाए गए बिजली चोरी के आरोप को फर्जी पाया है। अदालत ने विभाग के 1.76 लाख की वसूली को रद करते हुए स्कूल प्रशासन को 7 प्रतिशत ब्याजदर से उक्त धनराशि को रिफंड किए जाने का आदेश दिया है। साथ ही विभाग को 30 हजार का मुआवजा व 10 हजार का वाद व्यय प्रतिकर दिए जाने का आदेश भी दिया है।

    जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पौड़ी की अदालत में 23 मार्च 2022 को बाल भारती स्कूल मोटाढाक कोटद्वार के प्रधानाचार्य गिरिराज सिंह रावत ने एक वाद दाखिल किया था। बताया था कि स्कूल में विद्युत संयोजन के लिए कनेक्शन लिया गया। माह नवंबर- दिसंबर 2028 में विभाग ने बिना मीटर रीडिंग के वभाग ने 5,999 रुपये और 6,089 विद्युत देयक दिया गया, जो सेवा के प्रति उनकी लापरवाही थी। उसके बाद विभाग द्वारा बिना मीटर चेक किए बताया कि मीटर खराब हो गया है।

    उन्होंने मीटर बदलने के लिए आवेदन करने को कहा। 9 जनवरी 2019 को मीटर बलने के लिए आवेदन किया गया। दस दिन बाद दो कर्मचारी आए। उन्होंने नया मीटर लगाने से पहले मीटर टेस्टिंग व मीटर शुल्क मांगने लगे। रसीद देने की बात कहने पर वह नाराज होकर चले गए। बताया कि कुद दिनों बाद विभाग ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने मीटर से छेड़खानी की है। जो विद्युत चोरी का प्रयास है। उसके कुछ दिनों बाद विभाग के एसटीओ व कार्मिक आए। उन्होंने ने भी मीटर से छेड़खानी की बात कही।

    फरवरी 2019 में नया मीटर लगाए जाने के बाद भी मीटर खराब बताकर 12,893 रुप का बिल थमा दिया। विभाग ने अक्तूबर 2018 से मार्च 2019 तक पांच माह का बिल मार्च 2019 में 14,187 रुपये का बिल दिया गया। विभाग ने जुलाई 2019 में विद्यालय प्रशासन पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए 1.76 लख का जुर्माना व 400 का कलेक्शन चार्ज लगाया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता, सदस्य राकेश सामवेदी व दीप्ति भंडारी की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस, साक्ष्यों का अवलोकन कर बिजली विभाग के बिजली चोरी के आरोप को निराधार व फर्जी पाया।

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    अदालत ने पाया कि विभाग ने बिना विधिवत मीटर रीडिंग, स्थल निरीक्षण और कानूनी प्रक्रिया के ही स्कूल पर दंडात्मक बिल थोपा है। जो उपभोक्ता संरक्षण कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। अदालत ने बिजली चोरी की वसूली पर तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए विद्युत विभाग को स्कूल प्रशासन को 1 लाख 76 हजार 775 रुपये की धनराशि 7 प्रतिशत ब्याजदर से 45 दिनों के भीतर दिए जाने का आदेश दिया है।

    इसके अतिरिक्त मानसिक एवं आर्थिक क्षति के लिए 30,000 रुपये मुआवजा तथा 10,000 रुपये वाद व्यय दिए जाने का आदेश भी दिया। आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए बिजली विभाग को किसी भी उपभोक्ता के खिलाफ बिना ठोस जांच और वैधानिक प्रक्रिया के मनमाना या दंडात्मक बिल जारी नहीं किए जाने का आदेश दिया है। आयोग के आदेशों की अवहेलना पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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